उज्जैन। स्थानीय बोहरा समाज ने सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश की है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर समाज के जमातखानों में मांसाहारी भोजन नहीं पकाया गया। सभी समाजजनों को शाकाहारी भोजन परोसा गया। समाज के वरिष्ठों का कहना है कि धर्मगुरु सैयदना साहब ने मोहर्रम की वाअज के दौरान सभी धर्मों के साथ मिलकर चलने की सीख दी थी। इस कारण चतुर्थी पर मांसाहारी भोजन नहीं पकाया गया।
बोहरा समाजजन मोहर्रम के अवसर पर इबादत में मशगूल हैं। सैयदना साहब इंदौर में इस अवसर पर वाअज फरमा रहे हैं। इसे सुनने के लिए बाहर से भी 20 हजार से अधिक समाज के लोग उज्जैन आए हैं। प्रतिदिन तय समय पर शहर की 4 मोहल्लों की मस्जिद व जमातखाने में वाअज का सीधा प्रसारण हो रहा है।
इसके बाद समाज का सामूहिक भोज जमातखाने में होता है। समाज के हातिमअली हररवाला ने बताया कि सांप्रदायिक सौहार्द को देखते हुए गणेश चतुर्थी पर शाकाहारी भोजन परोसा गया। सभी समाजजनों ने भी इस पहल की दिल से सराहना की। भोजन में पनीर की सब्जी, पुलाव, टमाटर सूप, चपाती और फल खिलाए गए।

