जयपुर। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने नकल गिरोह के एक सरगना को गिरफ्तार किया है। इस पर 50 हजार का इनाम था और खास बात यह है कि यह सरकारी स्कूल का शिक्षक रह चुका है। पुलिस के अनुसार जगदीश विश्नोई नाम का यह सरगना हरीराम निवासी दाता थाना सांचोर जिला जालोर का रहने वाला है। एटीएस एवं एसओजी के एडीजी अनिल पालीवाल ने बताया कि जगदीश विश्नोई के विरुद्व राजस्थान के विभिन्न जिलों में पेपर लीक व आर्म्स एक्ट के लगभग एक दर्जन के मुकदमे दर्ज हैंं। यह पेशे से सरकारी अध्यापक था जो 2010 से निलम्बित चल रहा है। प्रारम्भिक पूछताछ में उसने बताया कि वह 2002 से ही प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने का काम कर रहा है। प्रारम्भ में वह परीक्षार्थी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को बैठा कर नकल कराता था। इसके बाद उसने ब्ल्युटुथ के जरिये बड़ी संख्या में लोगों को नकल कराई है।
इतनी भर्ती परीक्षाओं में करवाई नकल
पालीवाल ने बताया कि विश्नोई पुलिस भर्ती परीक्षा 2007, नर्सिंग भर्ती परीक्षा 2010, द्वितिय शिक्षक भर्ती परीक्षा 2012, राजस्थान रोडवेज कण्डक्टर भर्ती परीक्षा 2012, राजस्थान पुलिस भर्ती परीक्षा 2014, जुनियर अकाउंटेंट भर्ती परीक्षा 2015, पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में नकल कराने के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। सितम्बर 2017 में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद भी इसने अपनी हरकतेंं जारी रखी और 6 मई,2018 को बीएसटीसी का पेपर होने से पहले वाट्सअप पर आउट करवा दिया।
फरारी में किए दूसरे अपराध
जगदीश इसके बाद से फरार चल रहा था। फरारी के दौरान वह नेपाल, गुजरात, हरियाणा व दिल्ली एनसीआर में रहा तथा शराब माफियाओं के साथ मिलकर शराब व डोडा- पोस्त की तस्करी का भी काम कर रहा था। पुलिस इससे अब अन्य परीक्षाओं में कराई गई नकल के बारे में भी पूछताछ कर रही है।

