Wednesday, April 15, 2026
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संस्कार शिविर मेें देश भर से आये 500 शिवरार्थी ले रहे धर्म लाभ

कटनी। पर्वराज पर्यूषण पर्व के पावन प्रसंग पर आचार्य ज्ञान सागर सभागार में दिग0 जैन समाज पंचायत समिति एवं चर्तुमास धर्मप्रभावना समिति के तत्वाधान में परमपूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से एवं निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 समता सागर जी महाराज मुनि श्री महासागर जी महाराज मुनि श्री निष्कंप सागर जी महाराज ऐलक श्री निश्चय सागर जी महाराज के सानिध्य में विशाल संस्कार शिविर में देश भर से आये 500 शिविरार्थी धर्मलाभ ले रहे है।

इस अवसर पर प.पू.महासागर जी महाराज ने धर्मसभा में चर्चा करते हुये कहा कि मार्दव धर्म आत्मा का धर्म है और क्षमाधर्म धारण किये बिना मार्दव धर्म की प्राप्ति नहीं होती मान कसाय, विनय और विवेक को समाप्त करता है और मानी व्यक्ति कषाय करके अपना सर्वश नास कर लेता है। अतः आपको मान कषाय से बचना चाहिए। मुनि श्री से आगे कहां कि व्यक्ति की वाणी बोलचाल से उसके व्यक्त्वि का पता चलता है। इसलिए मनुष्य को सोच-विचार कर हित-मित-प्रिय वचन बोलना चाहिए मनुष्य के अंदर विनम्रता का भाव आंतरिक होता है और इसके आने से उसकी 10 दिशों में सुगंध फैलती है जिससे उसका जीवन शांतमय बितता है । अतः आप भी अपने जीवन में क्षमा धर्म के साथ मिदुता का भाव लाये तभी आप जीवन विकास की ओर अग्रसर होगा।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम