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श्योपुर जिले के 50 से ज्यादा गांवों में भीषण जल संकट

water bottel

श्योपुर । गर्मी की शुरूआत के साथ ही मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में जल संकट गहराने लगा है. जिले के करीब 50 से ज्यादा गांवों में लोग पानी की कमी के कारण बेहद परेशान है. विजयपुर और कराहल विकासखंड में हालत सबसे ज्यादा खराब है. यहां के खूटका, डोकरका, डोब, पातालगढ़, झरेर, कुशवानी और धावा गांव के लोगों को पानी के लिये कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है.

हालत ये है कि गांव में लगे हैंडपंप या अन्य जलस्त्रोत जवाब दे चुके हैं. ऐसे में ग्रामीणों का ज्यादातर समय पानी भरने में ही बीत रहा है. जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर पानी के लिये लंबा और कठिन सफर तय करना पड़ता है. तब कहीं जाकर कोई कुंआ, पोखर या हैंडपंप नसीब होता है. कई जगहों पर तो लोग नालों और गढ्ढों में भरा पानी ही इस्तेमाल करने के लिये मजबूर हैं.

ऐसा नहीं है कि जिम्मेदार अधिकारियों को जलसंकट की बढ़ती भयावहता का अंदाजा नहीं है. जिले के कलेक्टर पन्नालाल सोलंकी खुद बताते हैं कि ग्राउंड वाटर का लेबल गिरने व हैडपंपों के खराब होने से ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं. प्रशासन पानी के टैंकरों से जल प्रदाय करने का आश्वासन भी दे रहा है, लेकिन हकीकत ये है कि ज्यादातर गांव वालों को इस प्रकार की कोई सुविधा प्राप्त नहीं हो रही है.

इस मुद्दे को लेकर स्थानीय कांग्रेसी नेताओं के प्रदेश सरकार को घेरना भी शुरू कर दिया है, लेकिन सबसे अहम सवाल ये है कि गर्मी के शुरूआती दौर में ही इतने गहरे जलसंकट का सामना कर रहे लोगों की प्यास बुझाना क्या प्रशासन के बस की बात हैं..?

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