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शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी की संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रेन से कटकर मौत !

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 कटनी। सराफा बाजार स्थित फर्म लोकचंद फूलचंद के संचालक एवं प्रतिष्ठित नागरिक मुरारीलाल अग्रवाल का आज आकस्मिक निधन हो गया। आज सुबह लमतरा फाटक रेल लाइन के पास उनकी रक्तरंजिश लाश पाई गई। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्होंने किन्हीं परेशानियों के चलते ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद हादसे की खबर सुनते ही सराफा बाजार सहित समूचे क्षेत्र में शोक व्याप्त हो गया। शोक संवेदना व्यक्त करने सराफा कारोबारियों ने आज अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। हर किसी को स्तब्ध कर देने वाली इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। कहा जा रहा है कि काफी समय से चल रहे पारिवारिक विवाद के चलते वे दुखी थे और इसी वजह से उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
परिवार में उनके अलावा पुत्र मनीष अग्रवाल एवं पुत्रवधु ही साथ रहते थे। छोटा परिवार और पीढ़ियों से चली आ रही आर्थिक सम्पन्नता होने के बावजूद मुरारी अग्रवाल द्वारा ऐसा कदम उठाए जाने के निर्णय को लोग गले से नहीं उतार पा रहे। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके निवास पहुंचे तथा शोक संवेदना व्यक्त की। अंतिम यात्रा कल 21 मार्च को प्रातः 10 बजे सराफा बाजार स्थित उनके निवास से निकलेगी।
आत्महत्या के असल कारणों का हालांकि अब तक खुलासा नहीं हो सका है। सूचना मिलने पर रेल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाश को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भिजवाया। वे करीब 72 वर्ष के थे। आज सुबह कटनी-सतना रेलखण्ड पर कुठला थाना क्षेत्र के अंतर्गत लमतरा फाटक में ट्रेन से कटी हुई लाश मिलने पर पुलिस को सूचित किया गया। उनकी शिनाख्त होने में जरा भी देर नहीं लगी। पोस्टमार्टम के बाद जब शव सराफा बाजार स्थित उनके निवास लाया गया तो लोगों की आंखे छलछला उठीं। मुरारी अग्रवाल बेहद सहज और सरल स्वभाव के धनी थे। ताजिंदगी उन्होंने किसी से ऊंचे लहजे में बात नहीं की। हर किसी के साथ सौम्यता से पेश आते हुए आत्मीय रिश्ते बना लेना उनकी आदत में शुमार था। प्रतिदिन वे सुबह की सैर पर फारेस्टर प्ले ग्राउंड भी आते थे। सराफा बाजार में साथी कारोबारियों के साथ उनके सदैव दोस्ताना संबंध रहे। कारोबारियों ने मुरारी चाचा का संबोधन देते थे। उनके अचानक विछोह की खबर से सराफा बाजार में शोक में डूब गया। वे अपने पीछे पुत्र मनीष अग्रवाल एवं पुत्रियों रिंकी एवं वर्षा का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उल्लेखनीय है कि फर्म लोकचंद फूलचंद शहर की प्रतिष्ठित फर्मों में से एक मानी जाती है। सराफा कारोबार में तो कई पीढ़ियों से इस फर्म की अपनी एक पहचान है और इस पहचान को बरकरार रखने की वजह से ही मुरारी अग्रवाल का नाम लोग बड़े आदर से लेते थे। वे प्रतिष्ठित व्यवसायी और संस्कार भारती संचालक राजू अग्रवाल के चाचा थे।
राज्यमंत्री ने जताया शोक
इस दुखद हादसे की खबर सुनते ही प्रदेश शासन के राज्यमंत्री संजय सत्येन्द्र पाठक ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। दुख की इस घड़ी में पाठक परिवार अग्रवाल परिवार के साथ है।

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