नई दिल्ली। फेसबुक के स्वामित्व वाला सोशल मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप जल्द ही एक नया फीचर एड करने वाला है। खबरों के मुताबिक, इस नए फीचर का नाम ‘मार्क एज रीड’ होगा। इसकी मदद से यूजर्स नोटिफिकेशन पैनल से ही किसी संदेश को मार्क कर सकेंगे। ‘मार्क एज रीड’ फीचर के साथ ही व्हाट्सएप नोटिफिकेशन पैनल से किसी चैट को म्यूट करने के फीचर पर भी काम कर रहा है।
व्हाट्सएप का ‘मार्क एज रीड’ शॉर्टकट, एंड्रॉयड के बीटा वर्जन 2.18.214 में देखा भी गया है। हालांकि, बीटा वर्जन पर अभी इस फीचर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा क्योंकि अभी यह फीचर टेस्टिंग मोड पर है। WABetaInfo के मुताबिक इसके अलावा, कंपनी एक अन्य फीचर को भी टेस्ट कर रही है, जो यूजर्स को नोटिफिकेशन सेंटर से चैट को म्यूट करने की अनुमति देगा।
मार्क एज रीड शॉर्टकट को व्हाट्सएप के एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.18.214 में देखा गया था। चूंकि यह फीचर वर्तमान में विकास के दौर से गुजर रहा है तो ऐसे में बीटा टेस्टर इस तक नहीं पहुंच सकते हैं। नया मार्क एज रीड फीचर यूजर्स को सीधे नोटिफिकेशन सेंटर से सीधे मैसेज को मार्क करने की अनुमति देगा, इसके लिए यूजर को चैट या ऐप खोलने की जरूरत नहीं होगी।
अभी तक, यह फीचर उपलब्ध नहीं है और यूजर्स को ऐप खोलकर ही मैसेज पर क्लिक कर बताना होता है कि उसने मैसेज पढ़ लिया है। हालांकि, कंपनी ने नोटिफिकेशन पैनल में व्हाट्सएप मैसेज के लिए रिप्लाई ऑप्शन उपलब्ध कराया है। यह रिप्लाई ऑप्शन यहां आगे भी बना रहेगा और नया बटन जिसे मार्क एज रीड कहा जा रहा है, उसे भी जल्द ही व्हाट्सएप नोटिफिकेशन शॉर्टकट में जोड़ दिया जाएगा।
वहीं दूसरी तरह, म्यूट ऑप्शन यूजर्स को सीधे नोटिफिकेशन पैनल से ही चैट को म्यूट करने की अनुमति देगा, इसके लिए भी व्हाट्सएप एप को खोलने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि यूजर्स के लिए ये दो फीचर्स उपलब्ध कराए जाते हैं तो आपके फोन पर नोटिफिकेशन पैनल को नया लुक जल्द प्राप्त हो जाएगा। इन फीचर्स को सार्वजनिक करने से पहले इन्हें बीटा टेस्टर के लिए जल्द ही उपलब्ध कराए जाने की संभावना है।
फेक न्यूज पर आलोचना का सामना करने के बाद व्हाट्सएप ने हाल ही में अपना फॉरवर्डेड लेबल को उपलब्ध करवा दिया है। यह कदम फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है। यह लेबल यूजर्स को यह पहचानने में मदद करेगा कि मैसेज यूजर द्वारा टाइप किया गया है या फिर फॉरवर्ड किया गया है। यह लेबल फोटो और वीडियो पर भी काम करेगा। इतना ही नहीं प्लेटफॉर्म ससपीसियस लिंक डिटेक्शन फीचर की भी टेस्टिंग कर रहा है, जो यूजर्स को रेड लेबल के साथ फेक या वैकल्पिक साइट के बारे में चेतावनी देगी।
