जबलपुर । देश ही नहीं समूचा विश्व इस समय कोरोना नामक वैश्विक बीमारी से कराह रहा है। जहां संक्रमित लोगों की संख्या लाखों में जा पहुंची हे वहीं मौंतों का आंकड़ा भी एक लाख पार कर गया है। अमेरिका, जर्मनी, स्पेन, फ्रांस, इटली जैसे यूरोपीय देशों में यह कोरोना मौत का तांडव करा रहा है। भारत में भी मरीज 20,000 के करीब पहुंच रहे हैं। पर इस बीमारी से जो अच्छी चीज निकलकर सामने आई है वह है मानवीय संबंधों में मजबूती आना।
अब जाग रही मानवीयता
अब लोगों में बदलाव नजर आता दिख रहा है। उनकी मानवीयता जाग रही है। पहले तो क्या हर आदमी अपना स्वार्थ देखता था। जैसे कि आपके पास दो दिन का खाना है पर बहुत कम लोग ऐसे होंगे कि किसी दूसरे को यह खाना दे दें। या फिर डेढ़ दिन का अपने पास रखकर आधा दिन का खाना दूसरे को दे दें। पर अब कोरोना ने लोगों में बदलाव लाया है। जो परिलक्षित भी हो रहा है।
हमारे संबंधों पर भी गहरा असर
यह बीमारी लोगों में दया, करुणा और सहानुभूति की भावना को बढ़ा रही है। जो पैदा भी होगी, हो भी रही है और यह हमारे संबंधों पर भी यह गहरा असर डाल रहा है।
कारोबारी जगत के लिए अच्छी चीज
हमारे कारोबारी जगत के लिए भी यह अच्छी चीज है। जो आने वाले समय में दिखाई भी देगी। अभी तक सब कुछ मार्केट पर ही निर्भर रहता था चाहे वह कारोबार हो या बाजार।
कारोबारी निर्ममता घटेगी
अब मानवता, मनुष्यता व रिश्तेदारी संबंधों में ज्यादा फोकस रहेगा। ये भाव बहुत ज्यादा पैदा होंगे। जो सबको एक सूत्र में पिरोयेंगे। मानवीय रिश्ते, संबंध प्रगाढ़ होंगे। कोरोना इन्हे नये सिरों से मजबूत करेगा। बचाएगा, गढ़ेगा। अब दया, करुणा की भावना जाग्रत होगी। कारोबारी निर्ममता कम होगी। यहां भी सहानुभूति, दया, करुणा का स्थान बढ़ेगा, जो दिख भी रहा है। बहरहाल कोरोना ने सबको सिखा दिया कि बंद मुट़ठी लाख की
स्वास्थ्य सेवाओं को बहुत मजबूत करना होगा
भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति केवल कुछ राज्यों को छोड़कर जैसे केरल या कुछ और जगह छोड़ दो तो बेहतर नहीं कही जा सकती। कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने में केरल कैसे सफल रहा। इससे सबक मिलता है कि अब आपको अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को बहुत मजबूत करना होगा । । मेडीकल रिसर्च सिस्टम को सशक्त बनाना होगा। एम्स जैसी जो संस्थाएं हैं वहां इलाज के साथ रिसर्च भी होती है। इनको आप और कैसे बेहतर बना सकते हैं। इसमें नई तकनीक को आप कैसे लाते हैं। यह न सरकार के पक्ष में है न खिलाफ में है। यह सामान्य प्रक्रिया है।

