भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही सत्ता पक्ष और विपक्ष के हंगामे के बाद में अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दी गई. इसके के साथ बजट सत्र का समापन भी हो गया. प्रदेश का विधानसभा बजट सत्र 21 फरवरी से शुरू हुआ था.
विधानसभा में बुधवार दोपहर लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की बहू प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या के मामले पर भाजपा और कांग्रेस के विधायकों के बीच जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष ने हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया.मामले में विपक्ष के हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही को एक बजे तक के लिए स्थगित कर दिया था. दोबारा हंगामा नहीं थमा तो विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही निर्धारित समय से करीब सात दिन पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी. साथ ही विधानसभा का बजट सत्र संपन्न हो गया.
इससे पहले सदन की कार्यवाही चार बार विभिन्न समयावधियों के लिए स्थगित हुई, जिसके चलते प्रश्नकाल भी नहीं हो सका. विपक्ष के इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा कराए जाने को लेकर लगातार हंगामे और नारेबाजी के बीच ही अध्यक्ष डॉ सीतासरन शर्मा ने कार्यसूची में शामिल सभी औपचारिक कार्य पूरे कराए. हंगामे के दौरान ही वित्त वर्ष 2018-19 के वार्षिक बजट से संबंधित विनियोग विधेयक 2018 पारित कराया गया, इसी के साथ बजट और अन्य कार्य निपटाने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई.

