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विकास की बाट जोह रहा है पद्मश्री मजूमदार पार्क न केवल ओएफके की अपितु शहर की धरोहर है यह

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जबलपुर। आयुध निर्माणी खमरिया में स्थित मजूमदार पार्क जिसे डायनासौर पार्क भी कहा जाता है लंबे समय से विकास की बाट जोह रहा है। गत वर्ष खमरिया प्रशासन ने लेक पार्क को विकसित कर उसे खमरिया कर्मचारियों और उनके बच्चों के लिए सौंपा था।

जहां सुबह की सैर के साथ योग और प्राणायाम करने की सुंदर व्यवस्थाएं की गई हैं। उक्त पार्क संवारने के बाद उम्मीद लगाई जा रही थी कि लंबे समय से उपेक्षित और अव्यवस्थित हो रहे मजूमदार पार्क को संवारने के लिए खमरिया प्रबंधन कदम उठाएगा। लेकिन अभी तक ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि उक्त पार्क को व्यवस्थित करने कोई काम किया जा रहा है।

मजूमदार पार्क
ज्ञात हो कि मजूमदार पार्क का अपना अलग महत्व है। उक्त पार्क की स्थापना तत्कालीन आयुध निर्माणी महानिदेशक श्री मजूमदार को समर्पित है। वे ऐसे महानिदेशक थे जिन्होंने पाक युद्घ के दौरान आयुध निर्माणियों में दिन रात उत्पादन कराकर सेना को सामानों की आपूर्ति में योगदान दिया था। तत्कालीन सरकार ने सभी सुरक्षा कर्मचारियों के योगदान को सराहते हुए उन्हें पद्मश्री के सम्मान से नवाजा था। इसके बाद उनके प्रथम नगर आगमन पर खमरिया प्रबंधन ने उक्त पार्क का लोकार्पण कराते हुए उसे मजूमदार पार्क का नाम दिया।

उक्त पार्क शहर की सभी आयुध निर्माणियों में सबसे बड़ा पार्क है। जहां आज भी सर्वाधिक बच्चे खेलने के लिए आते हैं। इसी पार्क में खमरिया के कर्मचारियों ने विलुप्त हो गये डायनासौर की प्रतिमूर्ति बनाई तब से इसे छायनासौर पार्क के नाम से भी पुकारा जाने लगा।

उक्त पार्क की स्थना 42 वर्ष पूर्व की गई थी जब तत्कालीन महानिदेशक खमरिया में हुए विस्फोट में दिवंगत कर्मचारियों को श्रद्घांजलि देने आये थे। वर्तमान उक्त पार्क न केवल खमरिया अपितु शहर की धरोहर है। लिहाजा खमरिया प्रबंधन से अपेक्षा है कि उक्त पार्क को इतना विकसित करें कि न केवल खमरिया कर्मचारी और उनके परिवार यहां आयें अपितु शहर तथा बाहर के लोग भी इस पार्क में घूमने आयें और आयुध निर्माणी के योगदान और तत्कालीन महानिदेशक के समर्पण को जानकर गौरवान्वित हों।
इनका कहना है
मजूमदार पार्क की कायाकल्प आने वाले समय में जरूर दिखाई देगी। वर्तमान में वहां प्रसाधन का निर्माण कर क्यारियां लगाई जा रही हैं। निश्चित रूप से जन भावनाओं के अनुरूप इसे नया स्वरूप दिये जाने का प्रयास किया जाएगा।
बी पी मिश्रा

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