रोचक किस्सा: ढाई घंटे में कलेक्टर से राजनेता बने थे अजीत जोगी

वेब डेस्क।  छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ex Chhattisgarh CM Ajit Jogi) इस दुनिया से चल बसे हैं, लेकिन उन्होंने राजनीति में ऐसी छाप छोड़ी है जो सदियों तक याद की जाती रहेगी।

अजीत जोगी के पूरे जीवन के सफर में अनेकों ऐसे किस्से हैं जो किसी चौंकाते हैं। आदिवासी समाज से आने वाले अजीत जोगी गांव की गलियों में नंगे पांव पले बढ़े और मिशनरी की मदद से शिक्षा पूरी कर पहले इंजीनियरिंग फिर यूपीएससी की परीक्षा पास कर कलेक्टर बने। जोगी ने एक ही जिंदगी में इतने उतार-चढ़ाव देखे जिसपर पहली नजर में भरोसा करना मुश्किल लगता है। आइए उनसे जुड़े 2 ऐसे किस्सों पर नजर डालते हैं जिनसे उनकी जिंदगी को समझा जा सकता है।

बतौर इंदौर के कलेक्टर अजीत जोगी ग्रामीण इलाके के दौरे पर गए थे। रात में जब वह घर लौटे तो पत्नी रेणु ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया था। पहले तो जोगी को लगा कि भला पीएमओ से किसी कलेक्टर को क्यों कॉल आएगा।

लेकिन अगली सुबह तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पीए ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने जोगी से कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि आप तत्काल कलेक्टर पद से इस्तीफा दे दें।

यह सुनते ही जोगी थोड़े घबरा गए। लेकिन अगले ही वाक्य में पीएम के पीए ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं आप मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन करें। उनसे कहा कि रात 12 बजे तक दिग्विजय सिंह उन्हें लेने इंदौर पहुंचेंगे। सुबह 11 बजे तक इस्तीफे की सारी औपचारिकता पूरी कर ली जाएगी। कलेक्टर पद से इस्तीफा देने और कांग्रेस की सदस्यता लेने में करीब ढाई घंटे का वक्त लगा। इस तरह अजीत जोगी कलेक्टर से राजनेता बने।

जोगी की वजह से टूटी सगाई
यूं तो अजीत जोगी जनाधार वाले नेता नहीं माने जाते रहे, लेकिन कुछ समाज के बीच उनकी अच्छी पकड़ रही। इसकी बानगी 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान अखबारों में प्रकाशित एक रिपोर्ट से होती है।

अजीत जोगी थे तो आदिवासी समाज से थे, लेकिन अनूसुचित श्रेणी में आने वाला सतनामी समाज भी उन्हें अपना नेता मानता था। उस दौर के अखबारों में एक खबर छपी थी कि अजीत जोगी पर बहस के चलते लड़का-लड़की की सगाई टूट गई थी। दरअसल, बात यह थी कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव हारने के बाद अजीत जोगी महासमुंद लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में थे। इस सीट पर उनके विपरीत बीजेपी के वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल थे।

दोनों परिवारों के बीच सगाई की रस्म चल रही थी। भोजन का दौर चल रहा था। इसी दौरान लड़की पक्ष के लोगों ने नॉर्मल बातचीत में लड़के वालों से पूछ लिया कि इस बार के चुनाव में महासमुंद लोकसभा सीट से किसका पलड़ा भारी है।

लड़के वालों ने कहा कि अजीत जोगी महासमुंद से चुनाव हार रहे हैं। यह बात लड़की वालों को नागवार गुजरी। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि लड़की वालों ने कहा कि जो परिवार अजीत जोगी का विरोधी है वे उनके साथ रिश्ता नहीं करेंगे। गांव वालों के बीच-बचाव से दोनों परिवारों का झगड़ा तो टल गया, लेकिन सगाई टूट गई।

हालांकि अजीत जोगी यह चुनाव जीत गए थे। दिलचस्प बात यह है कि इस लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान अजीत जोगी की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें उनके शरीर के कमर के नीचे का हिस्सा काम करना बंद कर दिया था। दुर्घटना की वजह से अजीत जोगी प्रचार नहीं कर सके लेकिन फिर भी वह जीते थे।

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