यहां सरकारी स्कूल में एक रुपए में मिलेगा सेनेटरी नैपकिन
सेंधवा। छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान संक्रमण से बचाने और हाइजेनिक नैपकिन को बढ़ावा देने के लिए शहर की एक संस्था शासकीय कन्या स्कूल में अध्ययनरत दो हजार छात्राओं के लिए पैडमैन बन गई। श्रीमती कमलादेवी हजारीलाल तायल पारमार्थिक ट्रस्ट ने पहल की है, संस्था ने जीवनभर मात्र एक रुपए में छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है।
विद्यालय परिसर में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई है। जिले का यह पहला सरकारी विद्यालय है, जहां बिना सरकारी मदद के निजी संस्था ने पहल की है। ट्रस्ट ने सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए महज एक रुपए के सिक्का डालने पर एक नैपकिन व दो रुपए का सिक्का डालने पर दो नैपकिन देने की व्यवस्था की है। एक नैपकिन की लागत करीब 2 रुपए 40 पैसे है। ट्रस्ट संचालक गोपाल तायल का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन निशुल्क भी दिए जाएंगे
एक नजर मशीन पर
इस मशीन में 50 नैपकिन रहेंगे। बैटरी व बिजली से संचालित मशीन में 1 रुपए का सिक्का डालते ही प्लास्टिक की पतली थैली में पैक एक नैपकिन बाहर आ जाएगा। दो रुपए का सिक्का डालने पर दो पैड मिल सकेंगे। छात्राएं परिवार की महिला सदस्यों के लिए भी यहां से नैपकिन ले जा सकेंगी।