भोपाल। Bhopal Crime News शहर के कमलानगर थाना इलाके में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी की दो साल पहले फेसबुक पर मिर्जापुर (उप्र) के एक युवक से दोस्ती हो गई। रोजाना चैटिंग होने से किशोरी का प्रेम परवान चढ़ने लगा। युवक के बहकावे में आकर वह घर छोड़कर भागने की तैयारी करने लगी।
मनचले ने उसके अकाउंट में पांच हजार रुपए भी भेज दिए। साथ ही ट्रेन के टिकट का भी इंतजाम कर दिया। पोती की योजना की भनक लगते ही दादा ने चाइल्ड लाइन की मदद ली। किशोरी की काउंसलिंग की जा रही है।
चाइल्ड लाइन संचालक अर्चना सहाय ने बताया कि कमलानगर क्षेत्र में रहने वाली किशोरी 11 वीं की छात्रा है। उसके पिता लकवाग्रस्त हो गए हैं। मां भी अलग रहने लगी है। दादा-दादी किशोरी की परवरिश कर रहे हैं।
किशोरी दो साल पहले फेसबुक के माध्यम से मिर्जापुर के युवक के संपर्क में आ गई थी। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर लंबी बातचीत और चैटिंग भी होने लगी।
दो माह पहले किशोरी ने घर से भागने की कोशिश की थी, लेकिन तब समय रहते जानकारी मिल जाने के कारण वह शहर से बाहर नहीं निकल सकी थी। तब भी उसकी काउंसलिंग की गई थी। कुछ दिनों तक तो वह ठीक रही, लेकिन हाल ही में वह फिर घर छोड़ने की योजना बनाने में लग गई। संदेह होने पर उसके दादा ने चाइल्ड लाइन से संपर्क किया।
चाइल्ड लाइन की टीम ने जब पड़ताल की तो दादा का शक सौ फीसद सच निकला। छात्रा के अकाउंट में उसके मिर्जापुर वाले दोस्त ने पांच हजार रुपये भेजे थे। ट्रेन से सफर के लिए उसके टिकट का भी इंतजाम कर दिया गया था। दादा की सर्तकता से छात्रा, युवक के चंगुल में फंसने से बच गई है।
दो माह पहले किशोरी ने घर से भागने की कोशिश की थी, लेकिन तब समय रहते जानकारी मिल जाने के कारण वह शहर से बाहर नहीं निकल सकी थी। तब भी उसकी काउंसलिंग की गई थी।
कुछ दिनों तक तो वह ठीक रही, लेकिन हाल ही में वह फिर घर छोड़ने की योजना बनाने में लग गई। संदेह होने पर उसके दादा ने चाइल्ड लाइन से संपर्क किया। चाइल्ड लाइन की टीम ने जब पड़ताल की तो दादा का शक सौ फीसद सच निकला।
छात्रा के अकाउंट में उसके मिर्जापुर वाले दोस्त ने पांच हजार रुपये भेजे थे। ट्रेन से सफर के लिए उसके टिकट का भी इंतजाम कर दिया गया था। दादा की सर्तकता से छात्रा, युवक के चंगुल में फंसने से बच गई है।

