भोपाल। मप्र सरकार ने एक बार फिर दो हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। रिजर्व बैंक के माध्यम से यह कर्ज दस साल के लिए लिया गया है। वित्त विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कर्ज की इस राशि का उपयोग विकास कार्यों व निर्माण कार्यों में किया जाएगा।
गौरतलब है कि मार्च 2017 तक राज्य सरकार के ऊपर डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। इस वित्तीय वर्ष में मप्र सरकार बाजार से साढ़े ग्यारह हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है। जबकि राज्य सरकार 2017-18 में 23 हजार करोड़ रुपए तक लोन ले सकती है। इससे पहले चार से पांच बार किस्तों में बाजार से कर्ज लिया जा चुका है।
ज्यादा चुकानी होगी ब्याज दर
अधिकारियों के मुताबिक राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में कर्ज लिया है, इसलिए सरकार को ज्यादा ब्याज दर चुकानी होगी। आमतौर पर सरकार पहली तीन तिमाही में ही जरूरत के मुताबिक कम ब्याज दरों पर लोन लेती है। गौरतलब है कि जीएसटी के बाद चरमराई राजस्व व्यवस्था की वजह से सरकार के पास फंड की कमी है। वहीं राज्य के लगातार बढ़ते खर्चों के चलते सरकार कर्ज लेने को मजबूर हुई है।