भारत की प्रथम नारी शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर किया नमन

कटनी। भारत की प्रथम नारी शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर नमन किया ।सम्पूर्ण भारत वर्ष में ऐसी भारत की प्रथम सशक्त नारी सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई।

इसी संदर्भ पर जिला सत्र न्यायालय परिसर में जिला अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ सीनियर अधिवक्ताओं के साथ मिलकर समाजसेवी व अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी द्वारा भारत की समाज-सुधारक प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीनियर वरिष्ठ अधिवक्ता डीआर रजक जी एंव कार्यक्रम की अध्यक्षता नवनिर्वाचित जिला अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष संतु परौहा ने की,,,विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला अधिवक्ता संघ उपाध्यक्ष रवींद्र कुमार जायसवाल, अधिवक्ता विष्णु पटेल कार्यकारिणी नवनिर्वाचित मातृशक्ति अधिवक्ता मीना सिंह बघेल, अधिवक्ता मांडवी पांडेय, समाज सेवी सुश्री लता खरे, अधिवक्ता ओ पी शर्मा, दुष्यंत गुप्ता सहित सभी सम्मानित सीनियर जूनियर अधिवक्ताओं की उपस्थित में कार्यक्रम प्रारंभ कर सर्वप्रथम मां सरस्वती के समक्ष पूजा अर्चना कर पुष्प अर्पित किए और सशक्त भारत की प्रथम नारी शिक्षिका की जंयती पर मुख्य अतिथि डी आर रजक ने कहा कि ,हर व्यक्ति को नारी का आदर सम्मान करना चाहिए और शिक्षा की मुख्य धारा पर आगे लाकर सामाजिक विकास व्यवस्था पर बदलाव लाना चाहिए, इस दौरान सीनियर अधिवक्ता राजकुमार बक्शी, राकेश शुक्ला नानक देवनानी ,श्रावन सिंह, दिनेश असाटी, मोहन निषाद, सुरेश अहिरवार,,सुरेन्द्र पांडेय ,अधिवक्ता निर्मल दुबे, अजय जायसवाल, सहित अन्य गणमान्य अधिवक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए नारी सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान आकर्षित करने की पहल की
कार्यक्रम के अंत मे सभी मंचासीन अतिथियों एंव उपस्थित हुए अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त अधिवक्ता राजन चौधरी द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के अंत में अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने अपने ओजस्वी वाणी से बताया कि भारत की ऐसी हिम्मत वाली सशक्त नारी जिन्होने समाज कल्याण कार्य को करने का बीडा उठाया और अनेकअत्याचारपूर्ण व्यवहार लोगों के सहन करते हुए प्रत्येक नारी शिक्षित होकर अपने जीवन के विकास द्वार स्वंय सृजन करे।स्त्री शिक्षा,,और उनके मौलिक अधिकार एंव कर्तव्य पर विचार व्यक्त किए, अंत में सभी को बिस्कुट चाय वितरित किया गया,

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