
एक्सपर्ट के मुताबिक, आत्महत्या के एक लाख मामलों में से एक मामला इस तरह का होता है. डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र के मुताबिक, फोरेंसिक रिपोर्ट फिलहाल नहीं मिली है, लेकिन जांच में जुटे अफसरों ने जो बिंदु बताए हैं, उससे स्पष्ट है कि ये ठंडे दिमाग से की गई आत्महत्या ही है. क्षणिक आवेश की नहीं.
घटनास्थल की जांच में फोरेंसिक टीम 7 बिंदुओं को जोड़कर इस निष्कर्ष पर पहुंची है. उधर, पुलिस ने मामले में अभी भी किसी को क्लीनचिट नहीं दी है. भय्यूजी महाराज ने 12 जून को इंदौर स्थित अपने घर में खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी.

