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बड़ी खबर: शहडोल में देर रात छह और लोगों की मौत, ऑक्सीजन की कमी बताया जा रहा कारण

18 04 2021 08decjbp74

शहडोल।  शहडोल जिले में कोरोना की स्थिति भयावह होती जा रही है लापरवाही और अनदेखी के चलते जांच और इलाज के लिए मरीज भटक रहे हैं। स्थिति यह है कि शनिवार की देर रात तकरीबन 11:30 बजे छह और लोगों ने अपना दम तोड़ दिया है।

मौत का तांडव जारी है: सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तकरीबन 10 से 11 मरीज बुरी तरह तड़प रहे हैं जिन की स्थिति काफी गंभीर है। जानकारी के मुताबिक शनिवार की रात 11:30 बजे के आसपास से संक्रमित होने दम तोड़ दिया परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है लेकिन विडंबना यह है कि इनको अपने परिजन का अंतिम संस्कार तक करने की इजाजत नहीं है और ना ही इनका चेहरा लोग देख पा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि शनिवार को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक 10 लोगों ने कोरोना के चलते अपना दम तोड़ दिया था वही रात 11:30 बजे तक 6 लोगों की मौत हो गई थी।

 

एक तरफ देश में कोरोना का प्रकोप जारी है, दूसरी तरफ देश की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं एकदम लचर हो चुकी हैं. कहीं अस्पतालों में बिस्तर नहीं मिल रहे तो कहीं ऑक्सीजन खत्म हो जा रही है जिसके कारण निर्दोष नागरिकों की जानें जा रही हैं. नया मामला शहडोल-मेडिकल कालेज का है जहां ऑक्सीजन की कमी हो गई है, देर रात लिक्विड ऑक्सीजन टैंक में ऑक्सीजन की कमी के चलते अब तक 12 मरीजों की मौत हो गई है. मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने भी ऑक्सीजन की कमी से हुई इन 12 मौतों की पुष्टि कर दी है, डीन ने बताया है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते अब सिर्फ अति गंभीर मरीजों को ही ऑक्सीजन दी जा रही है. लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि शहडोल के जिलाधिकारी ने इन मौतों के पीछे ऑक्सीजन की कमीं को कारण मानने से इंकार कर दिया है.

इसे लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी दुःख जताते हुए शिवराज सरकार को घेरा है. कमलनाथ ने कहा है ”अब शहडोल में ऑक्सिजन की कमी से मौतों की बेहद दुखद ख़बर. भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, जबलपुर, खंडवा, खरगोन में ऑक्सिजन की कमी से मौतें होने के बाद भी सरकार नहीं जागी? आख़िर कब तक प्रदेश में ऑक्सिजन की कमी से यूँ ही मौतें होती रहेगी?”

कमलनाथ ने आगे कहा ”शिवराज जी आप कब तक ऑक्सिजन की आपूर्ति को लेकर झूठे आँकड़े परोसकर, झूठ बोलते रहेंगे, जनता रूपी भगवान रोज़ दम तोड़ रही है. प्रदेश भर की यही स्थिति, अधिकांश जगह ऑक्सिजन का भीषण संकट है. रेमडेसिविर इंजेक्शन की भी यही स्थिति है. सिर्फ़ सरकार के बयानो में व आँकड़ो में ही ऑक्सिजन व रेमडेसिविर उपलब्ध है.”

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