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बहु के द्वारा चोरी के इल्जाम लगाये जाने पर रिटायर्ड SDO ने मार ली खुद को गोली

ग्वालियर. अभी तक बहू को प्रताडि़त किए जाने के कई मामले सामने आए है, लेकिन एमपी के ग्वालियर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें बहू से प्रताडि़त होकर सेवानिवृत एसडीओ राजेन्द्रसिंह राजपूत ने आज स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. राजेन्द्र सिंह द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट भी पुलिस को घटना स्थल से मिला है, जिसमें उन्होने लिखा है कि बहू ने चोर कहा, अपने मायके वालों से पिटवाया,झूठे मामले दर्ज कराए, मेरी सामाजिक हत्या कर दी, अब मैं जीना नहीं चाहता हूं. पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद करते हुए मामले की जांच शुरु कर दी है.

बताया गया है कि एग्रीकल्चर विभाग से 9 सितम्बर 2018 को सेवानिवृत हुए एसडीओ राजेन्द्रसिंह राजपूत निवासी रतिराम गार्डन विनय नगर के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे है, बड़ा बेटा प्रोफेसर है जो शिवपुरी में पदस्थ है तो छोटा बेटा शहर में शासकीय विभाग में नौकरी करता हे, बड़े बेटे की पत्नी प्रीतिसिंह द्वारा विनय नगर की प्रापर्टी को अपने नाम कराने के लिए ससुर राजेन्द्रसिंह पर दबाव बनाया जा रहा था, जिसके चलते राजेन्द्रसिंह परेशान थे, आज सुबह राजेन्द्रसिंह सोकर उठे तो पत्नी ने चाय दी और वे अपने काम में लग गई, इस बीच राजेन्द्रसिंह ने अपनी दोनाली बंदूक निकाली और ठोड़ी पर रखकर ट्रिगर दबा दिया, गोली जबड़े को चीरते हुए दीवार में जा लगी, हादसे में राजेन्द्रसिंह की मौके पर ही मौत हो गई. गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी सहित अन्य परिजन दौड़कर कमरे में पहुंचे, देखा तो राजेन्द्रसिंह खून से लथपथ मृत हालत में पड़े है.

राजेन्द्रसिंह को इस हालत में देख पत्नी सहित अन्य परिजन चीख पड़े, वहीं गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी पहुंच गए, जिन्होने राजेन्द्रसिंह को देखा तो स्तब्ध रह गए. घटना की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी व फोरेंसिक एक्सपर्ट मौके पर पहुंच गए, जिन्होने जांच की तो दो नाली बंदूक से एक जिंदा कारतूस मिला, वहीं एक चले हुए कारतूस का खोखा मिला. इसके बाद राजेन्द्रसिंह द्वारा लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होने आत्महत्या किए जाने की वजह बताई है.

बहू ने कर दी मेरी सामाजिक हत्या-

राजेन्द्रसिंह राजपूत ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में लिखा है कि सेवानिवृत होने के बाद कभी बहू ने एक दिन भी खाना परोसकर नहीं दिया, हमेशा बेइज्जत किया, यहां पर चोरी का आरोप लगाते हुए दोगला कहा. 3 जुलाई 2020 को बहू प्रीति और उसके पिता परिमाल सिंह, भाई प्रमोद उर्फ चिंटू और मनीष सिंह ने घर पर हमला बोल दिया, मारपीट तक की, इसके बाद बहू ने शिवपुरी और ग्वालियर में झूठे मामले दर्ज कराए. जिससे मेरी सामाजिक हत्या हुई है. इनके कारण अब जीना नहीं चाहता हूं.

आज रजिस्ट्री के लिए जाना था, इससे पहले मार ली गोली-

राजेन्द्रसिंह की शहर के विनय नगर, डीडी नगर सहित दो अन्य स्थानों पर खेली योग्य जमीन है, विनय नगर वाले मकान को बहू प्रीति अपने नाम कराने के लिए मायके वालों के साथ मिलकर दबाव बना रही थी, इस बात का जिक्र राजेन्द्रसिंह ने सुसाइड नोट में भी किया है. आज मकान की रजिस्ट्री करने के लिए जाना था, लेकिन राजेन्द्र राय रजिस्ट्री नहीं करना चाहते थे, संभवत: राजेन्द्र सिंह ने इससे पहले ही स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली.

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम