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जहां नाव की सवारी करने के बाद माँ चंडिका के होते दर्शन जानिए क्या है रहस्य..

अदभुत, अलौकिक व दिव्य है माँ चंडिका का दरबार, नाव से श्रद्धालु पहुँचते है मंदिर इटौरा स्थित माँ चंडिका मंदिर चारो ओर से पानी से है घिरा

बरही/कटनी। माँ चंडिका का पावन दरवार चारो ओर से पानी से घिरा हुआ है। जहाँ बड़ी संख्या में पहुँच रहे श्रद्धालु नाव में सवार होकर मंदिर पहुँचते है। माँ चंडिका का यह दरवार तहसील मुख्यालय बरही से करीब 15 किलोमीटर दूर ग्राम इटौरा स्थित महानदी के किनारे बाणसागर के भराव क्षेत्र में है। नवरात्र में यहाँ दिनभर भक्तो का तांता लगा रहता है। यहाँ का नजारा अदभुत, अलौकिक व दिव्यता-भव्यता से परिपूर्ण है।

माँ चंडिका का यह दरबार काफी प्राचीन है, जो क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसी मान्यता है कि सच्चे भक्ति-भाव के साथ जो भी भक्त माँ की आराधना करता है, उसकी मनोकामनाए पूर्ण होती है। मनोकामना पूर्ण होने पर यहाँ नवरात्र में मुंडन, कंछेदन संस्कार होने के साथ-साथ ध्वज-पताखा माँ के चरणों मे भेंट करने भक्त दूर-दूर से पहुचते है। आज नव रात्र के आखिरी दिन मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का अलसुबह से ही तांता लगा रहा। पानी से मंदिर वर्षभर घिरे होने के कारण अब नवनिर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

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