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बम्हनगवा स्कूल के जर्जर शौचालय की दीवार गिरने के मामले पर प्रशासन सख्‍त कलेक्‍टर  ने शाला प्रभारी को किया निलंबित

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बम्हनगवा स्कूल के जर्जर शौचालय की दीवार गिरने के मामले पर प्रशासन सख्‍त कलेक्‍टर  ने शाला प्रभारी को किया निलंबि

कटनी – विकासखण्ड विजयराघवगढ़ के शासकीय माध्‍यमिक शाला बम्हनगवां में जर्जर शौचालय की दीवार गिरने से घटित हुई दुर्घटना के मामले में कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी ने सख्‍त रूख अपनाते हुये शाला प्रभारी एवं माध्यमिक शिक्षक श्रीमती राधा पाण्डेय को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसी मामले में अभी कुछ दिन पहले ही कलेक्टर ने संविदा उपयंत्री को कार्य से विरत किया था।

इस घटना के संबंध में जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र कटनी के द्वारा शाला प्रभारी श्रीमती पाण्डेय को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। जिसके बाद श्रीमती पाण्डेय द्वारा लिखित प्रतिवाद प्रस्तुत किया गया। जिसमें उन्‍होंने शासकीय माध्‍यमिक शाला बम्हनगवां के निरसन हेतु प्रस्ताव कार्यालय में प्रस्तुत करने एवं वि‌द्यालय समय में प्रसाधनों में ताले नहीं लगाने का उल्लेख किया था। जिसमें पाया गया कि वरिष्ठ कार्यालय द्वारा कई बार निर्देशित किये जाने पर भी भवनों की सुरक्षा एवं जर्जर दिवारों पर ध्यान नहीं दिया गया एवं तत्संबंधी जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को न दिया जाकर घोर लापरवाही की गई है।

इस कृत्‍य से विभाग की छवि धूमिल हुई है, जो कि म.प. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 में निहित उपनियमों के विपरीत होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है।

इसके बाद कलेक्‍टर श्री तिवारी ने शासकीय माध्‍यमिक शाला बम्हनगवां की शाला प्रभारी राधा पाण्डेय को म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के उपनियम 09 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में श्रीमती पाण्डेय का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कटनी नियत किया गया है एवं इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व प्रारंभिक जांच में जनपद शिक्षा केन्द्र विजयराघवगढ़ के संविदा उपयंत्री मनोज स्वर्णकार की लापरवाही मानते हुये कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी ने, उपयंत्री को शासकीय कार्यों से विरत करते हुये जांच संस्थित कर जाँच अधिकारी नियुक्त कर दिया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

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