चंडीगढ़ कृषि प्रधान राज्य हरियाणा (Haryana) के किसानों को कोविड-19 संकट के दौर में भी उपज का भुगतान होता रहे इसका खास इंतजाम किया गया है. सरकार इस वक्त आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है लेकिन गेहूं बेचने वाले किसानों (farmers) के लिए 22 हजार करोड़ रुपये रिजर्व रखा गया है. ताकि किसान को तुरंत पैसा मिले. डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा, ‘सरकार किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए तैयार है.’ प्रदेश में 15 से सरसों और 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद जारी है हरियाणा सरकार इस साल 75 लाख टन गेहूं खरीदेगी
चौटाला ने कहा कि अन्नदाता के एक-एक दाने का पैसा खरीद के साथ ही उसे मिले इसलिए सरकार ने आढ़तियों को उनके पुराने बैंक खातों से खरीद का भुगतान करने की अनुमति दी है. लगभग 22 हजार करोड़ रुपये गेहूं की खरीद के भुगतान के लिए और आढ़तियों को भी उनकी 2.5 प्रतिशत आढ़त का पैसा साथ-साथ मिलता रहे इसके लिए सरकार ने 275 करोड़ रुपये रिजर्व रखे हैं. जैसे ही मंडियों से गेहूं का उठान होगा किसान व आढ़ती दोनों का भुगतान हो जाएगा
चौटाला ने बताया कि मंडियों में मास्क (Mask), सेनेटाइर, बारदाना, तिरपाल, पंखा, झरना आदि की व्यवस्था की गई है. उन्होंने हरियाणा में पंजाब (Punjab) से अधिक गेहूं की खरीद करने का दावा किया. चौटाला ने बताया कि सरकार ने खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी व्यक्तियों, चाहे वह किसान, आढ़ती है, मजदूर या खरीद एजेंसियों के कर्मचारी हैं, कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए इन सभी के लिए 10-10 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर (Life Insurance cover) देने का निर्णय लिया है
चौटाला ने कहा कि कई मंडियों में जाकर उन्होंने स्वयं खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया है. इस दौरान उनकी किसानों, आढ़तियों व अन्य लोगों से बातचीत हुई है. सभी खरीद प्रबंधों से संतुष्ट हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में किसानों ने बड़ा सराहनीय कार्य किया है. इस अवधि के दौरान न तो दूध के और न ही सब्जियों के दाम बढ़ाएं हैं.

