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“पद्मावती” पर शिवराज की दो टूक सेंसर पास करे फिर भी प्रदेश में नहीं होगी रिलीज

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भोपाल। फिल्म पद्मावती मध्यप्रदेश में प्रदर्शित नहीं होगी। फिल्म पर प्रतिबंध का ऐलान खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है।

दरअसल फिल्म के प्रदर्शन को प्रतिबंधित करने को लेकर क्षत्रिय और राजपूत समाज के प्रबुद्धजन मुख्यमंत्री से मिलने सीएम हाउस पहुंचे थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने फिल्म के ट्रेलर देखकर आशंका जताई थी कि फिल्म के जरिए इतिहास के गलत तथ्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं जो रानी पद्मावती की छवि को धूमिल कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में कई भाजपा विधायक भी शामिल थे। उन्होंने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग रखी।उन्हीं की मांग को देखते हुए सीएम शिवराज सिंह ने फिल्म के प्रदर्शन पर बैन लगाने की घोषणा की। इससे पहले उत्तरप्रदेश में भी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लग चुकी है।

अपने बयान में सीएम शिवराज ने कहा कि ये फिल्म राजमाता पद्मावती के सम्मान के खिलाफ बनी है। जबकि अपने मान सम्मान के लिए रानी पद्मावती ने अपनी जान दे दी थी। उन्होंने ये भी कहा कि रानी पद्मावती और उनके जीवन और मृत्यु के बारे में बचपन से पढ़ा है। इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं।

उन्होंने ये भी कहा कि फिल्म से आपत्तिजनक दृश्य हटाने तक उसे प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसके उलट उन्होंने मध्यप्रदेश में रानी पद्मावती का स्मारक बनाने की घोषणा भी की।

दरअसल ये फैसला इसलिए भी लिया गया क्योंकि राजपूत और क्षत्रिय समाज का एक बड़ा तबका भाजपा का वोटर है। फिल्म को लेकर समाज पूरे देश में विरोध दर्ज करा रहा है ऐसे में वोटरों की भावनाओं को देखते हुए ये फैसला किया गया। मध्यप्रदेश में भी 50 से ज्यादा विधायक इस फिल्म का विरोध में हैं।

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