निजी प्रैक्टिस कर रहे सरकारी डॉक्टरों पर नकेल कसने की तैयारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने निजी चिकित्सालयों.नर्सिंग होम संचालकों से उनके चिकित्सालय में कार्य कर रहे मेडिकल कालेज चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सकों की जानकारी सात दिवस के अंदर मंगाई है। सरकारी अस्पतालों के डाक्टर्स पर लगातार ये आरोप लगते रहे है कि वो निजी प्रेक्टिस में या निजी चिकित्सालयों में अपनी सेवाएं देते है।, जिस कारण सरकारी अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने निजी चिकित्सालयों से शासकीय चिकित्सकों के अनुबंध पत्र एवं कार्य की अवधि आदि जानकारी मांगी है.
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश शासन शिक्षा विभाग भोपाल एवं संभागायुक्त जबलपुर द्वारा मेडिकल कालेज चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सकों को शासन के नियमानुसार ड्यूटी करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इन शासकीय चिकित्सकों के लिए शासकीय ड्यूटी का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक और सायं 5 बजे से सायं 7 बजे तक है। ड्यूटी के समय निजी चिकित्सालय में मरीज देखना अथवा आपरेशन करना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। शासन के उपरोक्त निर्देशों का निजी अस्पतालों-नर्सिंग होम प्रबंधन द्वारा पालन किया जाना अनिवार्य है। पालन नहीं होने की स्थिति मे,ं निजी चिकित्सालयों-नर्सिंग होम प्रबंधन और सम्बन्धित शासकीय चिकित्सक के विरुद्ध मप्र उपचर्यागृह तथा रूजोपचार सम्बन्धी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीय तथा अनुज्ञापन) नियम 1997 के अन्तर्गत नियमानुसार दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।

