क्लीयरेंस मिल जाने के बाद उन्हें जाने दिया गया। दरअसल मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी द्वारा दिए गए प्राइवेट हेलीकॉप्टर में सवार थे और वह हेलीकॉप्टर फायरिंग रेंज के ऊपर से गुजर रहा था।

घटना 8 अक्टूबर की है। घटना को लेकर शिवराज ने नाराजगी जताई। मामले का खुलासा तब हुआ, जब शिवराज ने घटना का कारण पता लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। यह हेलीकॉप्टर सारथी कंपनी द्वारा भारतीय जनता पार्टी को किराए पर दिया गया था। ATC क्लीयरेंस की जिम्मेदारी एविएशन कंपनी की होती है। हालांकि कंपनी का कहना है कि उनके पास सारे डॉक्यूमेंट क्लियर थे फिर भी उत्तर प्रदेश के झांसी में बिना किसी कारण के हेलीकॉप्टर को रोका गया।