नाम छिपा कर की दोस्ती, फिर निकाह, गर्भवती होने पर खुला राज तो क्या हुआ

किशोरी 15 जून को लापता हुई थी। एक जुलाई को वापस लौटी। किशोरी के पिता ने भाजपा नेताओं को बताया कि वह मजदूर हैं। नसीराबाद, मऊ रोड निवासी एक युवक उनके घर आता था। अपना नाम विक्की यादव बताया था।

युवक की बहन भी उनके घर आती थी। अपना नाम सोनम बताती थी। बेटी गायब हुई तो उन्होंने उस युवक के बारे में छानबीन शुरू की। जानकारी हुई कि युवक का असली नाम कासिम कुरैशी है।

उसकी बहन का नाम शबनम कुरैशी है। आरोपित के घरवालों ने उनसे कहा कि बेटी आ जाएगी। ज्यादा हल्ला मचाया तो समाज में बदनामी हो जाएगी। बेटी वापस लौटी तो पता चला कि उसका नाम बदल दिया गया है। वह गर्भवती है। आरोपित युवक ने बेटी का धर्म परिवर्तन कराकर उससे निकाह कर लिया है।

आरोपित की दोनों बहनें और मां रुखसार भी इस साजिश का हिस्सा हैं। उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी थी। किशोरी के पिता ने घटना की जानकारी खंदारी निवासी भाजपा नेता राहुल चौहान को दी। राहुल चौहान ने घटना से भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल को अवगत कराया।

बुधवार की रात भाजपा विधायक हरीपर्वत थाने पहुंचे। किशोरी के पिता की तहरीर पुलिस को दी। पुलिस से कहा कि यह प्रकरण गंभीर है। धर्मांतरण से जुड़ा है। इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

एसपी सिटी रोहन प्रमोद ने बताया कि तहरीर के आधार पर दुराचार और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपित युवक कासिम कुरैशी के कुछ परिचित हिरासत में लिए गए हैं।

पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा है। उसके बयान दर्ज कराए जाएंगे। आरोपित युवक की तलाश की जा रही है। उसे जेल भेजा जाएगा।

 

घरवालों के खिलाफ बोली किशोरी

किशोरी वापस लौटी तो परिजनों ने उससे पूछा कि कहां गई थी। वह परिजनों की बात सुनने को तैयार नहीं थी। शुरू में यह जिद करने लगी कि वह तो कासिम के साथ ही रहना चाहती है। यह जानकारी पुलिस को भी दी गई। पुलिस ने किशोरी के घरवालों से कहा कि पीड़िता नाबालिग है। उसकी मर्जी कोई मायने नहीं रखती। पीड़िता गर्भवती है। मुकदमा दुराचार का ही लिखा जाएगा। पीड़िता बालिग होती तो उसकी मर्जी मायने रखती थी। नाबालिग को लेकर जाना कानूनन अपराध है।

 

 

 

 

Exit mobile version