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नहीं खुलीं शराब दुकानें प्यासे कंठ करते रहे इंतजार

sharab

शासन को देना है 13 तारीख को जवाब, फाइनल हियरिंग 19 को होगी
ठेकेदारों ने कहा हाथ पैर बांधकर पानी में तैरने भेज दिया

जबलपुर यश भारत। अंतत: ग्रामीण अंचलों में शराब की दुकानें नहीं खुलीं। ठेकेदार तैयार नहीं हैं वह इस मामले को माननीय न्यायालय ले गए । माननीय न्यायालय ने शासन को नोटिस जारी किया है ओर 13 तारीख तक जवाब पेश करने को कहा है और 19 तारीख को इसकी सुनवाई होगी। उनका मानना है कि आज यदि दुकान खोल लेते हैं तो उन्हें राजस्व की हानि होगी। सरकार को इसका वैकल्पिक ओर व्यवहारिक उपाय ढूंढना चाहिए जिससे ठेकेदारों को राजस्व की हानि न हो। और जो निर्दश जारी हुए थे उसमें ठेकेदार को दुकान चलाने में कठिनाई होती । सोशल डिस्टेंसिंग के तहत 5 से ज्यादा ग्राहक नहीं दिखना चाहिए।
इन मामलो से ठेकेदार ने यह सोचा की इससे अच्छा शराब दुकान ही न खोली जाए औरन्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा जाये। जो ओदश है वह ठेकेदार की गले की फांस बन जायेगा प्रशासन का कहना है कि ठेकेदार ही लोगों को पास नहीं आने देगा ज्यादा भीड़ दिखी तो तो ठकेदार के खिलाफ ही कार्रवाई होगी।
हाथ पैर बांधकर दुकान खोलने भ्ेाज दिया हो ऐसे में ठेकेदार पानी में कैसे तैरेगा। वहीं दूसरी ओर ओर शौकीन लोग तरह तरह की कवायद लगाकर ग्रामीण अंचलों से शहर शराब की व्यवस्था के लिए गए लेकिन जब दुकानें बंद मिलीं तब वे काफी दुखी मन से वापस लौट और उनके कंठ सूखे के सूखे ही रह गए। कुछ लोग तो गांवों में सुबह से ही भीड़ लगाए थे। जब दुकानें नहीं खुलीं तो सोशल डिस्टेसिंग के कारण उन्हें खदेड़ा भी गया। यह चित्र उसी समय का है।

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