दुःखद खबर: भजन सम्राट विनोद अग्रवाल नहीं रहे

मथुरा। जन सम्राट विनोद अग्रवाल नही रहे। उन्होंने मथुरा के नयति अस्पताल में सुबह 4 बजे अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर उनके पुष्पांजलि बैकुंठ स्थित गोविंद की गली आवास पर लाया गया यहां ऊपरी मंजिल पर उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। नीचे हॉल में भजन का कार्यक्रम चल रहा है।

विनोद अग्रवाल नयति में दो दिन से भर्ती थे। नयति की डायरेक्टर शिवानी शर्मा ने बताया कि एक-एक करके उनके सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

परिवार वालों का कहना है कि वृंदावन स्थित आवास पर रविवार को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। रविवार की सुबह सीने में दर्द की शिकायत पर उन्हें नयति अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उनका वहीं इलाज चल रहा था।

विनोद अग्रवाल का जन्म 6 जून 1955 को दिल्ली में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय किशननंद अग्रवाल और मां स्वर्गीय रत्नदेवी अग्रवाल को भगवान कृष्ण और राधा पर अटूट विश्वास था।1962 में माता-पिता और भाई-बहनों के साथ वो दिल्ली से मुंबई चले गए। महज 12 वर्ष की आयु में उन्होंने भजन गायन और हार्मोनियम बजाना सीख लिया। उनके भजन देश में ही नहीं विदेशों में भी सुनते जाते हैं।

विनोद अग्रवाल के देश-विदेश में 1500 से अधिक लाइव कार्यक्रम हो चुके हैं। उन्होंने ब्रिटेन, इटली, सिंगापुर, स्विटजरलैंड, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, आयरलैंड, दुबई समेत कई देशों में सफल कार्यक्रम किए।

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