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दर्दनाक घटना: लोकलाज के डर से एक ही परिवार के 7 लोगों ने की आत्महत्या

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जालौर, पश्चिमी राजस्थान के जालौर जिले के सांचौर (sanchore) के छोटे से गांव गलीफा में रहने वाले एक ही परिवार के 7 लोगों ने बुधवार को आत्महत्या कर ली थी. इस घटना से समूचे क्षेत्र में गम का माहौल है. आत्महत्या (Suicide) की इस घटना ने सभी को झकझोर दिया है. इस बीच इस आत्महत्या के पीछे जो कहानी सामने आई रही है, वह बहुत ही झकझोरने वाला है.

इस सामूहिक आत्महत्या के मामले में परिजनों से जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक मृतक शंकर राम की पत्नी के कथित प्रेमी चेला की करतूत को लेकर वह बहुत परेशान था. सामाजिक लोकलाज के डर से पहले अपने ससुराल वालों व परिजनों के सामने पत्नी के कथित प्रेमी चेला की करतूत को लेकर पंचायत करवाई. परिवार वालों ने समझाइश कर मामले को शांत करवा दिया था, लेकिन कुछ दिन बाद शंकर राम की पत्नी के कथित प्रेमी चेला ने फोन करके फिर से शंकर राम को धमकी दी और उसने कहा कि पंचायत करके क्या उखाड़ लिया ? इस बात से शंकर राम को बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई.

शंकर राम ने यह पूरी बात अपने परिजनों को बताई. बताया जा रहा है कि ओरपी चेला की इसी हरकत से तंग आकर परिवार के सभी सदस्यों के साथ नर्मदा नहर में कूदकर जान दे दी. वहीं, इस घटना के बाद मृतक के भाई जोगा राम ने सांचौर थाने में चेला के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. फिलहाल, पुलिस ने चेला को हिरासत में ले लिया है.

 ऐसे की आत्महत्या

जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात को पड़ोसी युवक से चेला ने शंकरा राम को फोन किया था. चेला ने शंकर राम को धमकाने के साथ ही कहा थी कि पंचायत करके क्या उखाड़ लिया. इसका शंकर राम के मन पर गहरा असर पड़ा. इसके बाद शंकरा राम ने मन ही मन खुद को और पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करने के लिए मन बना लिया. शंकर राम पहले अपनी मां के पास पहुंचा. मां को पूरी बात बताई तो मां ने समझाने की कोशिश की. उसके बाद शंकराराम अपने घर चला गया था.

शंकर राम अपने परिवार के साथ 1:00 बजे निकला और सांचौर जाने के लिए बस स्टेशन पर आ गया. यहां पर बेरिया से आने वाली बस में बैठकर सिद्धेश्वर उतर गया. करीब 2 घंटे तक एक पेड़ की छांव में पूरा परिवार बैठा रहा. शाम को करीब 5:00 बजे आसपास के कुछ लोग शंकर राम की खोज में आए तो परिवार नहर के पास था. इसके बाद बुधवार को नहर किनारे खोजबीन की गई तो कपड़े और मोबाइल मिले. इसके साथ ही एक छोटे बच्चे का शव नहर में मिलने के बाद सभी के नहर में कूदने की आशंका को देखते हुए स्थानीय तैराकों को बुलाकर खोजबीन की गई तो सभी शव मिल गए. इसके बाद शवों को एक-एक-कर बाहर निकाला गया.

सांचौर पुलिस थाना अधिकारी ने बताया कि मृतकों में 41 वर्षीय शंकरा राम, उनकी 31 वर्षीय पत्नी बादली, 11 वर्षीय बेटी रमीला, 10 वर्षीय बेटा विक्रम, 8 वर्षीय बेटी संगीता, 7 वर्षीय बेटी कमला, और 4 वर्षीय बेटा हितेश शामिल है. पुलिस ने बताया कि आशंका है कि इन सभी ने सिद्धेश्वर गांव की सड़क के पास नर्मदा नहर में कूदकर आत्महत्या की थी. उनके शवों को नहर से बाहर निकाल कर मोर्चरी भिजवाया गया. जहां सभी शवों के पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिए गए. परिवार ने सातों शवों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया.

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