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तो महिला ने खुद को किया घायल? घूसा जड़ने वाले Zomato के डिलीवरी बॉय ने किया यह बड़ा दावा

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बेंगलुरु में इलेक्ट्रॉनिक पुलिस स्टेशन में हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए डिलीवरी बॉय कामराज ने कहा, ‘जैसे ही मैं डिलीवरी करने उनके घर पहुंचा, मैंने उन्हें बताया कि मैं ट्रैफिक में फंस गया था, क्योंकि मुझे एक और ऑर्डर देना था। मैंने देरी के लिए माफी मांगी। महिला बहुत असभ्य (रूड) थी। उन्होंने कहा कि वह कोई बहाना नहीं सुनना चाहती, क्योंकि मैंने समय पर खाना नहीं डिलीवर किया। उसके बाद उन्होंने मुझसे खाना ले लिया और यह कहते हुए पैसे देने से इनकार कर दिया कि उसे बताए गए समय के भीतर आना चाहिए था।’

डिलीवरी बॉय ने महिला से कहा कि खाने के लिए उसे 198 रुपए चुकाने होंगे। कामराज ने बताया, “मैंने उनसे कहा कि मैं उनका गुलाम नहीं हूं और उन्हें मेरे साथ सम्मान के साथ व्यवहार करना चाहिए। वह मुझ पर चिल्लाने लगी और कहने लगी तुम क्या कर लोगो?’ दरअसल,
बुधवार को बेंगलुरु की हितेश चंद्रानी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि जोमाटो डिलीवरी बॉय ने डिलीवरी में देरी के तर्क के बाद उसके साथ मारपीट की। उसने यह भी दावा किया कि कामराज जबरन उनके घर में घुस गया। उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनके चेहरे पर मुक्के मारे।

बुधवार को हितेश चंद्रानी ने कहा, ‘वह मुझ पर चिल्लाते हुए कहने लगा कि क्या मैं गुलाम हूं? आप मुझे यहां रुकने के लिए कह रही हैं। यह मेरे लिए वास्तव में डराने वाला था। मैंने अपना दरवाजा बंद करने की कोशिश की, लेकिन उसने दरवाजे को धक्का दिया, मेरे घर में घुसकर मेज से मेरा ऑर्डर किया खाना लिया, मुझे मेरे चेहरे पर मुक्का मारा और भाग गया।’

हालांकि, कामराज ने दावा किया कि जब वह खाना देने गया था, महिला उस वक्त ज़ोमैटो कस्टमर केयर से बात कर रही थी और उसने ऑर्डर रद्द कर दिया। ऑर्डर कैंसल होने के बाद से मुझे वापस खाना ले जाने के लिए कहा गया। जब मैंने ऑर्डर दिया खाना वापस मांगा तो उसने मना कर दिया। इसके बाद मैंने मैंने जोर दिया और भोजन वापस ले लिया। इसके बाद वह अपशब्द बोलना शुरू कर दी और अपनी सैंडल मुझ पर फेंक दी।’

महिला के दावों को विपरित कामराज ने कहा कि महिला ने ही उस पर हमला करना शुरू कर दिया। वह मुझे मार रही थी और मैंने अपने हाथों से खुद को बचाने की कोशिश की। जब उसने मेरे हाथ को दूर धकेलने की कोशिश की, तो उसकी उंगली पर एक अंगूठी उसकी नाक पर जा लगी। मैंने पुलिस से कहा कि अगर आप नाक पर कट को देखते हैं, तो आप पाएंगे कि यह पंच के कारण नहीं हुआ। अगर आप वीडियो देखते हैं, तो आप उसकी उंगली पर अंगूठी देख सकते हैं। कामराज ने कहा कि हां मेरी एक गलती है कि मुझसे देर हो गई।

कामराज के दावों का जवाब देते हुए महिला हितेशी चंद्रानी ने कहा कि उन्होंने कामराज से किसी रिफंड की मांग नहीं की। उन्होंने आगे कहा कि ऑर्डर कैंसल होने के बाद उन्होंने पार्सल को डिलीवरी एग्जीक्यूटिव को वापस नहीं किया, क्योंकि उसने दरवाजे को धक्का दिया था। सबसे पहले हमला हिदेशी ने किया, कामराज के इस दावे पर उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ कि मैंने उस पर सबसे पहले हमला किया तो उसने बिल्डिंग के अन्य लोगों से मदद क्यों नहीं ली, वह भागा क्यों?

 

उन्होंने कहा कि मेरी अंगूठी से चोट लगी है, ऐसा हो ही नहीं सकता। कामराज ने ही मुझपर हमला किया। फिलहाल, इलेक्ट्रॉनिक सिटी पुलिस ने कामराज के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 325 (गंभीर रूप से चोट पहुंचाने के लिए सजा) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने) के तहत मामला दर्ज किया है। उसे बुधवार को गिरफ्तार किया गया था और उसी दिन जमानत पर छोड़ दिया गया था। अधिकारियों ने जांच के बारे में बात करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बयान एकत्र किए जा रहे हैं।

 

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