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डेंगू से इंजिनियरिंग छात्रा ने दम तोड़ा

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वायरल से पीडि़त मरीजों ग्राफ बढ़ा, अस्पतालों में पलंग का टोटा
जबलपुर,यभाप्र। स्वाइन फ्लू के बाद अब डेंगू का कहर लोगों की जान लेने लगा है। मेडीकल में स्वाइनफ्लू के करीब आठ मरीज भर्ती हैं जिनमें कई की हालत नाजुक बनी है। इसी बीच मेडीकल में ड़ेंगू पीडि़त एक इंजीनियरिंग छात्रा की मौत हो गई है।मिली जानकारी के मुताबिक हितकारिणी स्कूल के सामने देवताल निवासी संजय साहू की 19 साल की बेटी नम्रता साहू जो एक निजी महाविद्यालय से से बीई कर रही थी।उसे डेंगू ने जकड़ लिया था। उसे मेडीकल में आईसीसीयू में रखा गया था जहां उसे बचाया नहीं जा सका। नम्रमा के पिता दैनिक मजदूरी और मां मंजू साहू कपड़ा सिलकर बच्ची को पढ़ा रहे थे। नम्रता को शासन की ओर से मेधावी छात्रा के रूप में सम्मनित भी किया जा चुका था।
शहर में इस समय संक्रामक बीमारियों फैली है। हर क्षेत्र इससे पीडि़त है। सरकारी अस्पतालों में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढऩे से पलंग कम पडऩे लगे हैं। मरीजों को अतिरिक्त गद्दे डालकर उपचार दिया जा रहा है। करीब 2 से 3 हजार से अधिक मरीज औसतन इलाज के लिए आ रहे हैं। चिकित्सकों ने मौसम के साथ आए बदलाव में खान-पान पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया है। महिला-पुरुष वार्ड वायरल बुखार की चपेट में आए मरीजों से भर गए हैं। क्षमता से अधिक मरीज भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। इन वार्डों की क्षमता ज्यादा मरीजों का अतिरिक्त गद्दे आदि डालकर उपचार किया जा रहा है। विक्टोरिया व मेडीकल अस्पताल की ओपीडी में औसतन रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या 2से 3 हजार तक पहुंच गई हैं। पहले औसतन एक हजार से 1200 तक मरीज अस्पताल में इलाज के लिए ओपीडी में आ रहे थे। पिछले 15 दिनों में मरीजों मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
पर्याप्त दवाइयों का दावा
मौसम में आए बदलाव के साथ वायरल बुखार के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। सर्दी-जुकाम एवं बुखार के मरीजों के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल की दवाइयों से ही मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। इसके अलावा खून से लेकर अन्य जांचें कराई जा रही हैं।

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