Site icon Yashbharat.com

झाबुआ में PM मोदी का कांग्रेस पर हमला, बोले-वो चार दीवारें खड़ी करते थे, हम घर बना रहे हैं

pm 1

झाबुआ: विधानसभा चुनाव के चलते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झाबुआ में आमसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चंद्रशेखर आजाद को याद करते हुए कहा कि, आजाद जैसे महान व्यक्ति का भी सपना रहा होगा की हमारे देशवासियों का अपना घर हो पर कांग्रेस ने लोगों को घर नहीं दिया। हमने सपना देखा है कि, 2022 देश के हर नागरिक का अपना घर हो और इसके लिए हम काम कर रहे हैं। अब तक करीब डेढ़ करोड़ लोगों को उनके घरों की चाबी दे दी है।

पीएम मोदी भूले नहीं ‘कड़कनाथ’…
इसके बाद मोदी ने कहा कि, ‘बीच-बीच में टेक्नालॉजी का उपयोग करके देश के दूर के इलाकों में वीडियो कांफ्रेस से मैं लोगों से बात करता रहता हूं। झाबुआ के लोगों से भी मुझे बातचीत करने का मौका मिला था। मेरी बात एक बार चम्पा बहन से हुई थी। और जब वो मुझसे बात कर रही थी तो कड़कनाथ को लेकर आई थी उसने कहा कि ये, कड़कनाथ मुर्गा झाबुआ की सम्रिद्ध परंपरा और विरासत को आर्थिक शक्ति और पूरे क्षेत्र को कड़क बनाने का काम करता है।’ इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, ‘विकास कैसे होता है जरा वो दिन याद कीजिए। पहले कांग्रेस के जमाने में लोन मेले लगते थे। बाबू लोग आ जाते थे। हमारे आदिवासियों से कहते थे कि, एसा करो इतनी मुर्गी लेलो इतना लोन मिल जाएगा आपको, इस मुर्गी के इतने अंडे होंगे इतने अंडे बिकेंगे और हमारा आदिवासी भाई सोचता था कि ये बैंक लोन ले लेना चाहिए ये पैसे ले लेना चाहिए और मुर्गी का काम करना चाहिए। आदिवासी सोचता था कि, मुर्गी बेचेंगे तो इतना पैसा आएगा फिर घर लेंगे,खेत लेगें, साइकल लेंगे। लेकिन इसके बाद भी कर्ज वैसा ही बना रहता था। एक वो जमाना था जिसे हमने आकर बदल दिया। हमने मुद्रा योजना चालू की अब हम नौजवानों को कहते हैं कि, ट्रैक्टर लो, टैम्पो लो, ट्रक लो अपना कारखाना शुरू करो, दुकान शुरू करो, खेत लो, व्यापार करो। कांग्रेस के सोचने का तरीका मुर्गे और अंड से बाहर ही नहीं निकल पाया। वो हमारे आदिवासियों का इतने सालों के बाद भी भविष्य नहीं बदल पाए और इसिलिए हम मुद्रा योजना लेकर आए। जिसके तहत हमने देश के नौजवानों को अपने पैरों पर खड़े रहने की ताकत दी है, एक नया हौसला और नया विश्वास दिया है।’

प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी बातें…

हमने लोगों के लिए मुद्रा योजना की शुरुआत की। मुद्रा योजना के अंतर्गत हमने देश के नौजवानों को अपने पैरों पर खड़े रहने की ताकत दी है, एक नया हौसला और नया विश्वास दिया है।
पहले बैंक संपत्ती नहीं होने पर लोन नहीं देता था। कुछ न कुछ गिरवी रखना ही होता था। लेकिन मुद्रा योजना में आपको किसी भी चीज की गारंटी देने की जरूरत नहीं है। आसानी से सभी को लोन मिल जाता है। हमने करीब 14 करोड़ लोन बिना गांरटी के स्वीकृत किया उसमें 70 प्रतिशत वो लोग हैं। जिन्हें पहली बार बैंक से पैसा निकालने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
एक जमाना था जब विकास का मतलब था मिट्टी डालो और उसको सड़क समझो आज उस जमाने को हमने बदल दिया है।
जो कार्य कांग्रेस की सरकार मध्यप्रदेश में 50 साल तक नहीं कर पाई, वह कार्य शिवराज सरकार ने 15 साल में करके दिखाए हैं।
हमारा संकल्प है कि देश में एक भी गरीब ऐसा नहीं हो जिसके पास अपना पक्का घर ना हो। हम ऐसे घर बनाकर दे रहें हैं जिसमें घर में नल भी होगा, नल में जल भी होगा, घर में बिजली भी होगी, शौचालय भी होगा और घर में खाना बनाने के लिए गैस का कनेक्शन भी होगा।
हमारा मंत्र है-बालक-बालिकाओं के लिए पढ़ाई, युवाओं के लिए कमाई, किसानों के लिए सिंचाई और बुजुर्गों के लिए दवाई।
कांग्रेस की सरकार जब सत्ता में थी तब भ्रष्टाचार ने देश को बर्बाद कर दिया। इससे निपटने के लिए हम पहले तकनीकी लेकर आए। इससे ट्रांसपेरेंसी आई। इसे हम अपने पूरे सिस्टम में लेकर आए।
हमारी सरकार ने दो सपने देखे हैं- पहला, किसानों की आय दोगुनी करनी है। दूसरा, गरीबों को अपने घर देना है। हम यह काम कर भी रहे हैं।
कांग्रेस हमारे खिलाफ इसलिए है क्योंकि हमने 50 साल से लूटखसोट की आदत पर रोक लगाई है, इसलिए वो परेशान हैं।
हम आयुष्मान योजना लाए, गरीब जो बीमार है, डॉक्टर के पास जाएगा उसका बड़ा खर्चा हो जाएगा। किडनी खराब है, दिल की बीमारी है उसका इलाज कराने में लाखों रुपए खर्च हो जाएंगे। हम गरीबों के लिए आयुष्मान भारत लेकर आए। अब गरीब भी अच्छे अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। गरीबों के इलाज और ऑपरेशन का खर्चा सरकार देगी।
पीएम मोदी ने नोटबंदी पर कहा कि इस देश को भ्रष्टाचार ने बर्बाद किया है। हर कोई काम के लिए पैसा मांगता रहता है, बिना पैसा दिए कोई काम नहीं होता, क्या इस देश को इस बीमारी से बाहर निकालना चाहिए। दीमक लगता है तो सबसे जहरीली दवा डालनी पड़ती है, हिंदुस्तान में कांग्रेस के कालखंड में ऐसा भ्रष्टाचार बढ़ गया कि नोटबंदी जैसी कड़वी दवाई का इस्तेमाल करना पड़ा।

Exit mobile version