जिस पिता को आरोप लगाकर भेजा था जेल, अब लिपटकर बोली- मुझे माफ कर दो
इंदौर।ढाई साल पहले जिस बेटी से ज्यादती के आरोप में बेटी के बयान पर ही वो जेल गया था, बरी होकर वो उससे मिलने को आतुर था। एक पिता की चिंता और एक बरी हुए अपराधी के मिले-जुले हाव-भाव के साथ वो बेटी को ढूंढता रहा। चार-पांच दिन बाद उसे पता चला कि बेटी को कहां रखा गया है। बीच में शनिवार-रविवार की छुट्टी आ गई। कागजी कार्रवाई होते-होते आखिरकार मंगलवार को मिलने की मोहलत मिली। उसके बाद भी तीन घंटे का इंतजार करना पड़ा। वो थोड़ी दूर टहलकर आता, फिर बैठ जाता…। जैसे ही वो बाहर आई, पिता और बेटी दोनों गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़े। बेटी के मुंह से सिर्फ इतना ही निकला ‘पापा मुझे माफ कर दो गलती हो गई।”
सामाजिक कल्याण विभाग के दफ्तर में मंगलवार को जिसने भी यह दृश्य देखा, उसकी आंखें भर आईं। दरअसल, बाणगंगा क्षेत्र में रहने वाले 50 साल के एक व्यक्ति पर उसकी बेटी ने ज्यादती का आरोप लगाया था। 12 साल की बेटी की शिकायत पर पिता को जेल हो गई थी। ढाई साल बाद कोर्ट में पिता पर आरोप सिद्ध नहीं हो सके और उसे बीते गुरुवार को बरी कर दिया गया। पिता के जेल जाने के बाद बेटी को बाल कल्याण समिति ने निराश्रित बच्चों की संस्था में रखवा दिया था। बच्ची की मां नहीं है। दो बड़े भाई हैं। पिता के जेल से छूटने के बाद उन्होंने सबसे पहले बेटी से मिलने की इच्छा जाहिर की।