जबलपुर लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: पनागर नगर परिषद का उपयंत्री और कर्मचारी 40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
जबलपुर लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: पनागर नगर परिषद का उपयंत्री और कर्मचारी 40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
जबलपुर लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: पनागर नगर परिषद का उपयंत्री और कर्मचारी 40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
जबलपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त संगठन की टीम ने मंगलवार को पनागर नगर परिषद में छापा मारा। टीम ने नगर परिषद के उपयंत्री (Sub-Engineer) शुभम जैन और एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अभिलाष रजक को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों ने रिश्वत की यह राशि नगर परिषद कार्यालय के भीतर ही ली थी।
कीटनाशक सामग्री के बिल भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत
लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ठेकेदार राजेंद्र कुमार सतनामी (39 वर्ष) को वर्ष 2024-25 के लिए नगर परिषद की स्वास्थ्य शाखा में 9.75 लाख रुपये की कीटनाशक सामग्री की आपूर्ति (सप्लाई) का ठेका मिला था। सामग्री की पूरी सप्लाई की जा चुकी थी, जिसके एवज में ठेकेदार को पहली किश्त में 90 हजार रुपये और दूसरी किश्त में 64,066 रुपये का भुगतान किया गया था। लेकिन बाकी बचे बिलों के भुगतान को पास करने के लिए उपयंत्री और कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।
लोकायुक्त ने जाल बिछाकर ऐसे दबोचा
ठेकेदार राजेंद्र कुमार ने इसकी शिकायत लोकायुक्त संगठन से की थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त की टीम ने सबसे पहले आरोपों का गोपनीय सत्यापन (Verification) कराया। इस दौरान आरोपियों और ठेकेदार के बीच बातचीत में रिश्वत की रकम 40 हजार रुपये तय हुई।
इसके बाद लोकायुक्त ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। मंगलवार को जैसे ही शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचा और उसने आरोपियों को 40 हजार रुपये थमाए, वैसे ही पहले से तैयार बैठी लोकायुक्त की टीम ने दबिश देकर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।जबलपुर लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: पनागर नगर परिषद का उपयंत्री और कर्मचारी 40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
जमानत पर हुए रिहा
लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। कार्रवाई और कागजी कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया गया है। इस कार्रवाई से नगर परिषद महकमे में हड़कंप मच गया है।








