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जबलपुर में मानव तस्कर गैंग का भंडाफोड़, ऐसे बची गिरोह के चंगुल से महिला

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जबलपुरः जिले में मानव तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में से दो महिलाएं हैं. वहीं दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है.

 

ऐसे हुआ भंडाफोड़
दरअसल एक महिला ने जबलपुर के ग्वारीघाट थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई. जिसमें उसने बताया कि उसे बेच दिया गया था. बता दें कि थाने में शिकायत करने वाली महिला बीती 28 जनवरी को गायब हो गई थी. महिला के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी थाने में दर्ज कराई थी. अब उसी महिला ने थाने पहुंचकर आपबीती बताई है, जिसमें मानव तस्करी गैंग का खुलासा हुआ है.

महिला ने बताया कि उसे बहला-फुसलाकर और ज्यादा कमाई का लालच देकर ग्वारीघाट क्षेत्र में ही रहने वाले अनिल बर्मन और उसकी पत्नी ज्योति बर्मन और एक अन्य महिला संतोषी बैरागी उसे राजस्थान ले गए थे. हालांकि उसके काले रंग के चलते उसे नहीं खरीदा गया और उसे वापस जबलपुर भेज दिया गया. पीड़िता ने बताया कि जहां उसे बेचने के लिए ले जाया गया था, वहां जबलपुर की एक और महिला फंसी हुई है.

 

बड़ा रैकेट होने की आशंका
जबलपुर की ही एक अन्य महिला ने भी मदन महल थाने पहुंचकर उसे बेचे जाने की शिकायत दर्ज कराई है. महिला ने बताया कि उसे भी अनिल बर्मन ने ही ज्यादा कमाई का लालच देकर राजस्थान के एक व्यक्ति को दो लाख 80 हजार में बेच दिया था. बेचे जाने के बाद एक महीने तक उसका शोषण किया गया. अब किसी तरह से वह बचकर भाग आई है. वहीं शिकायत मिलने पर पुलिस ने अनिल बर्मन, उसकी पत्नी ज्योति बर्मन और संतोषी बैरागी को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं महिलाओं को खरीदने वाले राजस्थान के दोनों आरोपी फरार हैं. जिनकी तलाश की जा रही है. पुलिस को आशंका है कि यह बड़ा गैंग हो सकता है, जिसने कई महिलाओं की तस्करी की है.

 

पुलिस का कहना है कि यह मानव तस्कर गैंग गरीब और मजदूरी करने वाली महिलाओं को अपना शिकार बनाता था. आरोपी पीड़ित महिलाओं को ज्यादा कमाई का लालच देकर बहला-फुसलाकर राजस्थान में बेच देते थे. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है

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