जबलपुर बन रहा मेडीकल ट्ररिज्म का हब

जबलपुर। जन ज्योति स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल गोलबाजर में 54 वर्षीय कनाडा निवासी गुरमीत कौर, जिन को दोनों आंखो में मोतियाबिंद की शिकायत थी एवं वो डायबिटीज से भी पीड़ित थी। इस परिस्थिति में जन ज्योति सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल में डॉ पवन स्थापक ने ब्लेड फ्री फेमटोसकेंट लेजर मोतियाबिंद नेत्र चिकित्सा के माध्यम से उनकी आंख में नेत्र लैंस का प्रत्योरोपण किया।

स्मरणीय है कि यह नेत्र चिकित्सा अमेरिका जैसे देशों में काफी महंगी है। परंतु अब यह उच्च गुणवत्ता युक्त तकनीकी जन ज्योति सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल में न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध है। डॉ. पवन स्थापक ने बताया कि इस नेत्र चिकित्सा पद्घिति की विशेषता यह है कि आंख में न तो कोई इंजेक्षन लगता है, ना कोई ब्लेड का चीरा लगता है एवं न कोई पटटी लगती है और मरीज दूसरे दिन से ही नियमितरूप से कामकाज पर लौट जाता है।तु अब यह उच्च गुणवत्ता युक्त तकनीकी जन ज्योति सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल में न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध है। डॉ. पवन स्थापक ने बताया कि इस नेत्र चिकित्सा पद्घिति की विशेषता यह है कि आंख में न तो कोई इंजेक्षन लगता है, ना कोई ब्लेड का चीरा लगता है एवं न कोई पटटी लगती है और मरीज दूसरे दिन से ही नियमितरूप से कामकाज पर लौट जाता है।

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