जबलपुर। सब कुछ ठीक रहा तो जबलपुर को एक बड़ी सौगात मिल सकती है। दरअसल कैंसर के उपचार के लिए सुप्रसिद्ध टाटा मेमोरियल हास्पिटल मुंबई, जबलपुर में भी एक सर्वसुविधायुक्त कैंसर हास्पिटल खोलने की संभावनाओं को रेलवे के साथ तलाश कर रहा है.
इन दिनों मुंबई टाटा मैमोरियल प्रबंधन के एक बड़े अधिकारी जबलपुर प्रवास पर हैं, जहां पर वे केंद्रीय रेलवे चिकित्सालय प्रबंधन के साथ भविष्य की योजनाओं का खाका तैयार कर रहे हैं. टाटा कैंसर हास्पिटल के रेलवे के साथ जबलपुर में खोलने के प्रयासों का वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन (डबलूसीआरईयू) ने समर्थन दिया है.
सूत्रों के मुताबिक टाटा मेमोरियल हास्पिटल ने रेलवे के साथ मिलकर जबलपुर व हुबली में सर्वसुविधायुक्त, अत्याधुनिक कैंसर हास्पिटल खोलने की योजना बनाई है.
फिलहाल जबलपुर में मुंबई टाटा हास्पिटल के एक वरिष्ठ अधिकारी जबलपुर आये हुए हैं, जो जबलपुर के केंद्रीय रेलवे अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं और साथ ही वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ भी सलाह-मशविरा कर रहे हैं.
जमीन की तलाश
बताया जाता है कि टाटा कैंसर हास्पिटल जबलपुर में 100 एकड़ जमीन पर अपना अस्पताल बनाना चाहता है. रेलवे के पास काफी जमीन सुविधाजनक स्थानों पर उपलब्ध है, इसलिए रेलवे के साथ वह अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहनाना चाह रहा है.
रेलवे अस्पताल में एक इकाई हो सकती
बताया जाता है कि टाटा कैंसर हास्पिटल जब तक 100 एकड़ जमीन मुहैया नहीं हो जाती और उस पर अस्पताल तैयार नहीं हो जाता, तब तक पमरे के केंद्रीय चिकित्सालय के एक ब्लाक में अपनी एक यूनिट खोलने की संभावनाओं पर गौर कर रहा है.
जबलपुर में क्यों
बताया जाता है कि कैंसर की विश्वस्तरीय अत्याधुनिकतम चिकित्सा के लिए प्रसिद्ध टाटा मेमोरियल हास्पिटल ने जबलपुर को इसलिए चुना, क्योंकि जबलपुर सहित मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में कैंसर मरीज इलाज कराने मुंबई जाते हैं, इसके लिए यूपी-बिहार के आम नागरिकों के अलावा रेल कर्मचारियों को भी मुंबई भेजा जा रहा है, जिससे मुंबई के हास्पिटल में अत्यधिक दबाव बढ़ता जा रहा है. यही कारण है कि देश के मध्य में स्थित होने के कारण जबलपुर का चुनाव किया गया है, ताकि यहां पर यूपी-बिहार, मध्य प्रदेश के अलावा रेलवे के कई जोन के कैंसर से पीडि़त रेल कर्मचारी, उनके परिजन व आमजन को समीप ही बेहतर उपचार की व्यवस्था हो सके.
बड़ी उपलब्धि
वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन के मंडल अध्यक्ष बीएन शुक्ला का कहना है कि यदि टाटा कैंसर हास्पिटल जबलपुर में खुलने की संभावनाएं मूर्त रूप लेती हैं तो यह रेल कर्मचारियों के साथ-साथ जबलपुर, महाकोशल क्षेत्र ही नहीं, संपूर्ण मध्य प्रदेश व अन्य पड़ोसी राज्य के लोगों को इस गंभीर बीमारी से इलाज प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी और यह चिकित्सा क्षेत्र में जबलपुर के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी.
इनका समर्थन
डबलूसीआरईयू के मंडल सचिव नवीन लिटोरिया ने बताया कि हमें इस बात की जानकारी लगी है कि टाटा मेमोरियल कैंसर हास्पिटल जबलपुर में रेलवे के साथ मिलकर एक कैंसर हास्पिटल खोलने की तैयारी कर रहा है, इस संबंध में केंद्रीय रेलवे अस्पताल का निरीक्षण भी किया गया है.
डबलूसीआरईयू ने कैंसर यूनिट स्थापित करने की संभावनाओं को अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है और इस संबंध में पमरे महाप्रबंधक को पत्र भी लिख रहे हैं, इतना जरूर है कि अस्पताल में जो सुविधाएं हैं, वे पूर्ववत ही रहें. उसमें किसी तरह का छेड़छाड़ नहीं किया जाए.

