छगन भुजबळ का पत्ता कटने से नासिक में उबाल, येवला में लगे पोस्टर- “साहेब निर्णय लीजिए”; जानें क्यों भड़के समर्थक
राज्यसभा उपचुनाव में NCP ने राजेंद्र जैन को बनाया उम्मीदवार, भुजबळ बोले- "मैं कबड्डी खिलाड़ी हूँ, शतरंज का नहीं", भतीजे समीर भुजबळ को लेकर फंसा था पेंच।
नासिक/मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में राज्यसभा उपचुनाव के टिकट बंटवारे के बाद एक बार फिर भूचाल आ गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) द्वारा वरिष्ठ ओबीसी नेता छगन भुजबळ की जगह राजेंद्र जैन को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद भुजबळ समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। छगन भुजबळ के निर्वाचन क्षेत्र नासिक के येवला शहर में जगह-जगह “साहेब निर्णय लीजिए” लिखे पोस्टर लगाए गए हैं, जिसने महायुति गठबंधन और राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। छगन भुजबळ का पत्ता कटने से नासिक में उबाल, येवला में लगे पोस्टर- “साहेब निर्णय लीजिए”; जानें क्यों भड़के समर्थक
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ऐन वक्त पर कैसे कटा भुजबळ का पत्ता?
18 जून को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए छगन भुजबळ का नाम सबसे आगे चल रहा था। यह सीट डिप्टी सीएम अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, टिकट फाइनल होने से पहले छगन भुजबळ ने पार्टी आलाकमान के सामने एक बड़ी शर्त रख दी थी।
क्या थी भुजबळ की मांग?
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छगन भुजबळ दिल्ली (राज्यसभा) जाने को तैयार थे, लेकिन बदले में उन्होंने अपने भतीजे और पूर्व सांसद समीर भुजबळ को महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाने की मांग रखी थी। छगन भुजबळ का पत्ता कटने से नासिक में उबाल, येवला में लगे पोस्टर- “साहेब निर्णय लीजिए”; जानें क्यों भड़के समर्थक
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भुजबळ का तर्क था कि जब महायुति के अन्य बड़े नेताओं के परिवार के सदस्य एक साथ सरकार और संसद दोनों जगह रह सकते हैं, तो उनके परिवार को यह मौका क्यों नहीं मिलना चाहिए?
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हालांकि, पार्टी नेतृत्व और सहयोगी दलों से इस मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पार्टी ने विदर्भ के दिग्गज नेता राजेंद्र जैन को मैदान में उतार दिया।
“मैं कबड्डी खिलाड़ी हूं, शतरंज का नहीं” – भुजबळ का तंज
टिकट कटने और समर्थकों के गुस्से के बीच मंत्री छगन भुजबळ ने मीडिया के सामने आकर अपनी नाराजगी को छुपाने की कोशिश की। उन्होंने बेहद हल्के-फुल्के लेकिन सधे हुए अंदाज में बड़ा बयान दिया: छगन भुजबळ का पत्ता कटने से नासिक में उबाल, येवला में लगे पोस्टर- “साहेब निर्णय लीजिए”; जानें क्यों भड़के समर्थक
“मैं राज्यसभा जाना चाहता था, इसमें कोई दोराय नहीं है। लेकिन मैं कबड्डी का खिलाड़ी हूं, शतरंज का खिलाड़ी नहीं। मुझे शतरंज खेलना नहीं आता। मैं नाराज नहीं हूं। मुझे आश्वासन दिया गया है कि आगामी कैबिनेट विस्तार के दौरान इस विषय पर विचार किया जाएगा। मुझे भविष्य में भी संसद जाने का मौका मिल सकता है।”
भुजबळ ने यह भी साफ किया कि बीजेपी द्वारा उनका प्रस्ताव खारिज किए जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है, बल्कि प्रस्ताव भेजने में देरी की वजह से समय कम बचा था।
पोस्टरों के जरिए समर्थकों ने दिए बगावत के संकेत!
छगन भुजबळ भले ही खुद को शांत दिखा रहे हों, लेकिन उनके गढ़ येवला में माहौल बेहद गर्म है। समर्थकों द्वारा लगाए गए “साहेब निर्णय लीजिए” के पोस्टर्स साफ इशारा कर रहे हैं कि वे पार्टी के इस फैसले से बेहद आहत हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन पोस्टर्स के जरिए समर्थक भुजबळ पर पार्टी के भीतर अपनी उपेक्षा के खिलाफ कोई बड़ा और कड़ा राजनीतिक कदम उठाने का दबाव बना रहे हैं। शरद पवार गुट (NCP-SP) की नेता सुप्रिया सुले ने भी इस मौके पर भुजबळ का समर्थन करते हुए कहा कि उनके जैसे कद्दावर नेता को राष्ट्रीय मंच (संसद) मिलना ही चाहिए था।
अब पूरी महाराष्ट्र की नजर इस बात पर टिकी है कि ‘कड़े फैसलों’ के लिए जाने जाने वाले छगन भुजबळ आने वाले दिनों में क्या रुख अपनाते हैं।








