गर्भवती महिला की मदद को आगे आए यातायात पुलिस के जवान, पेश की मानवता की मिसाल,कार बीच चौराहे पर हुई बंद, जवानों ने वाहन हटवाकर ऑटो से महिला को पहुंचवाया अस्पता
कटनी। खाकी वर्दी केवल कानून-व्यवस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता और मानवता की पहचान भी है। इसका उदाहरण कटनी यातायात पुलिस के दो जवानों ने पेश किया, जिन्होंने जिला चिकित्सालय जा रही एक गर्भवती महिला की मुश्किल समय में मदद कर सराहनीय कार्य किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक गर्भवती महिला को लेकर परिजन कार से जिला चिकित्सालय जा रहे थे। इसी दौरान चौराहे के बीच अचानक कार बंद हो गई। इससे महिला और उसके परिजन असमंजस में पड़ गए, वहीं चौराहे पर यातायात बाधित होने की स्थिति भी बन गई।
मौके पर ड्यूटी कर रहे यातायात पुलिस के दोनों जवानों ने तत्परता दिखाते हुए पहले कार को धक्का देकर सड़क किनारे कराया, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए गर्भवती महिला और उसके परिजनों के लिए ऑटो की व्यवस्था की और उन्हें जिला चिकित्सालय के लिए रवाना किया।
कर्तव्य के साथ दिखाई संवेदनशीलता
यातायात पुलिस के जवानों की इस तत्परता से महिला और उसके परिजनों को संकट की घड़ी में राहत मिली। जवानों ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के साथ यह भी साबित किया कि पुलिस की भूमिका केवल यातायात नियंत्रित करने और कानून का पालन कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना भी उसकी जिम्मेदारी है।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय/यातायात) रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना यातायात प्रभारी निरीक्षक अनूप सिंह के नेतृत्व में यातायात पुलिस व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ आम नागरिकों की सहायता के लिए भी कार्य कर रही है।
गर्भवती महिला की मदद करने वाले दोनों जवानों के इस मानवीय प्रयास की सराहना की जा रही है। उनके कार्य ने यह संदेश दिया कि वर्दी की असली पहचान अधिकार के साथ-साथ संवेदनशीलता और सेवा भाव में भी निहित है।

