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खेलते समय सौ फीट गहरे बोरवेल में गिरा चार साल का मासूम, एनडीआरएफ और सेना ने नौ घंटे में बचाया

army rescue

सोमवार सुबह बोरवेल में गिरा मासूम शिवा सेना और एनडीआरएफ की टीम की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।आगरा:  थाना निबोहरा के गांव धरियाई में सोमवार की सुबह करीब 7:30 बजे घर के सामने खेलते समय खराब पड़े बोरवेल में गिरे चार वर्षीय शिवा को सेना और एनडीआरएफ की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर नौ घंटे में सुरक्षित निकाल लिया। सौ फुट गहरे गड्ढे में बच्चा करीब 90 फुट की गहराई में फंसा था। इससे पहले सेना में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पाइप से गड्ढे में ऑक्सीजन की सप्लाई कर बच्चे को सुरक्षित करने का उपाय किया। 

एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि गांव के छोटेलाल ने करीब पांच साल पहले घर के सामने बोरिंग कराई थी, लेकिन वह खराब हो गई थी। दो दिन पहले उन्होंने इसकी पाइप निकलवाकर नई बोरिंग में लगाई थी। पर, घर के सामने गड्ढा वैसे ही छोड़ दिया था। सोमवार की सुबह उनका चार साल का पुत्र शिवा घर के बाहर खेलते समय खराब पड़े बोरवेल में गिर गया। करीब सौ फुट गहरे गड्ढे में बच्चे के गिरने से हड़कंप मच गया।

सूचना पर एसएसपी, एसपीआरए, एसडीएम, स्वास्थ्य विभाग की टीम और दमकल पहुंच गई। दोपहर में सेना और एनडीआरएफ की टीम ने आकर बचाव कार्य शुरू किया। सेना और एनडीआरएफ की टीम ने जेसीबी, पोकलैंड के माध्यम से बोरवेल के बगल में जमीन की खोदाई कराई। इसके बाद बैलून की मदद से बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया गया। बच्चा करीब नौ घंटे तक बोरवेल में रहा। सेना और एनडीआरएफ की टीम करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को सुरक्षित निकालने में सफल रही। 

डॉक्टरों की टीम ने पहुंच कर शुरू की ऑक्सीजन सप्लाई
मासूम बच्चे शिवा के बोरवेल में गिरने की सूचना लगते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद के अधीक्षक डॉ. एके सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने सबसे पहले पाइप के सहारे बच्चे को ऑक्सीजन दी। डॉ. एके सिंह ने बताया कि बच्चे के स्वास्थ्य पर पल-पल नजर रखी जा रही थी। बच्चे के परिजनों की तबीयत न बिगड़े, इसके लिए उनके परिजनों के भी स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा रहा था। 

बच्चे के निकलने तक जुटे रहे ग्रामीण 
निबोहरा के ग्राम धरियाई में सुबह 7:30 बजे से बोरवेल में बच्चे के गिरने की खबर लगते ही धरियाई ही नहीं आसपास के गांव निबोहरा, रामपुर, रामगढ़ आदि के ग्रामीण जो जिस हालत में थे दौड़ पड़े थे। जिन्हें संभालने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। लोग सेना की ओर से बच्चे को बचाने के लिए कार्रवाई देखने की उत्सुकता में भी डटे रहे। हादसे के धरियाई गांव की महिलाएं और बच्चे भी मौके पर ही जमे रहे। आलम यह रहा कि गांव में किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। साथ ही गांव में दुकानें भी बंद रहीं।

 अफसर, विधायक, पूर्व विधायक रहे मौजूद
बच्चे को बचाने के पूरे ऑपरेशन के दौरान एसएसपी मुनिराज जी, एडीएम वित्त एवं राजस्व योगेंद्र कुमार, एसडीएम राजेश कुमार जायसवाल, क्षेत्राधिकारी ब्रजमोहन गिरी, फतेहाबाद, डौकी, शमशाबाद , निबोहरा थाने का फोर्स, विधायक जितेंद्र वर्मा, पूर्व विधायक छोटे लाल वर्मा भी मौजूद रहे। 

टाइम लाइन
सुबह 07:30 बजे : बच्चा बोरवेल में गिरा।
सुबह 08:00 बजे : घटना की जानकारी निबोहरा पुलिस को दी गई।
सुबह 08:20 बजे : पीआरवी टीम मौके पर पहुंची।
सुबह 08:30 बजे : थाना प्रभारी निबोहरा घटनास्थल पर पहुंचे।
सुबह 08:40 बजे : स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची।
सुबह 08:45 बजे : बोरवेल से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी।
सुबह 09:30 बजे : बोरवेल में ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू की गई। 
सुबह 10:00 बजे : एसपीआरए पूर्वी मौके पर पहुंचे।
सुबह 10:30 बजे : एसडीएम फतेहाबाद राजेश कुमार पहुंचे।
सुबह 10:45 बजे : रस्सी में बांधकर वीडियो कैमरा बोरवेल में डाला गया, जिसमें बच्चा हाथ से मिट्टी हटाते दिखा।
पूर्वाह्न 11:30 बजे : पैरा मिलिट्री की टीम मौके पर पहुंची। 
पूर्वाह्न 11:40 बजे : एसडीआरएफ की टीम पहुंची। 
दोपहर 12:22 बजे : बचाव कार्य के तहत खुदाई का काम शुरू हुआ।
दोपहर 01:20 बजे : बोरवेल में पाइप के माध्यम से बच्चे को पानी दिया गया। बच्चे का मूवमेंट परिजनों को दिखाया गया, बात भी कराई गई। 
दोपहर 01:45 बजे : गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम पहुंची।
दोपहर 02:36 बजे : क्षेत्रीय विधायक जितेंद्र वर्मा लखनऊ से धरियाई गांव पहुंचे।
शाम 04:52 बजे : एनडीआरएफ की टीम ने बैग में डालकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। 
शाम 05:00 बजे : बच्चे का डॉक्टरी परीक्षण कर उसे एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। 

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