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खुशखबरी: 33 प्रतिशत लाने वाला भी बन सकता है हिंदी विवि में प्रोफेसर

भोपाल। अटल बिहारी बाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में अब 12वीं और स्नातक में 33 फीसदी अंक अर्जित करने वाला व्यक्ति भी प्रोफेसर बन सकता है। यह निर्णय स्वयं विवि की साधारण सभा की बैठक में लिया गया है। दरअसल, मंगलवार को विवि की साधारण सभा की बैठक आयोजित की गई इस बैठक में विवि अधिनियम में परिवर्तन को मंजूरी मिल गई है।

बता दें कि विवि की साधारण सभा के अध्यक्ष मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान है। विवि को अच्छे और श्रेष्ठ योग्यता वाले प्रोफेसर मिले इसके लिए विवि जल्द ही भर्ती करने जा रहा है। इसके लिए भर्ती नियमों में संशोधन किया गया है। इस नए संशोधन को मंजूरी मिलने के बाद अब विवि में 8 पदों पद जल्द ही भर्ती कर ली जाएगी।

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ऐसा बताया जा रहा है कि विवि में किसी एक विचारधार के व्यक्ति की नियुक्ति करने के लिए इस तरह का संशोधन किया गया है। खास बात तो यह है कि यूजीसी के नियमों के अनुसार प्रोफेसरों की भर्ती के लिए 55 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। इतना ही नहीं राज्य शासन के विवि अधिनियम के अनुसार 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। वहीं कुछ विवि ने गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 60 प्रतिशत तक अंक अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद विवि का यह निर्णय आने के बाद अन्य प्रोफेसरों में आक्रोश का माहौल निर्मित हो रहा है।

अब विद्यार्थीयों का नहीं होगा एक साल खराब

इधर विवि की साधारण सभा की बैठक में निर्णय लिया गया है कि यूएफएम प्रकरण बनने वाले छात्रों का एक साल बर्बाद नहीं होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने निर्णय लिया है कि जिस विषय में यूएफएम बना है सिर्फ उसी सेमेस्टर की परीक्षाएं स्थगित की जाएगी। इससे विद्यार्थी का पूरा एक साल बर्बाद नहीं हो पाएगा।

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