क्‍या है ईपीएफओ पेंशन EPFO Pension, जनिये कुछ खास बातें

EPFO Pension Rules : नौकरीपेशा वर्ग के लिए यह बहुत काम की खबर है। कर्मचारियों के लिए काम करने वाला EPFO यानी कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन अपने सदस्‍यों के भविष्‍य के लिए योजनाओं का संचालन करता है। बहुत से लोगों को शायद यह बात पता नहीं होगी कि प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारियों को ईपीएफ पेंशन की गारंटी भी देता है। इस पेंशन का भुगतान आजीवन किया जाता है। यहां हम आपको इस पेंशन के नियम, पात्रता और शर्तों के बारे में सारी जानकारी विस्‍तार से बताने जा रहे हैं।

क्‍या है ईपीएफओ पेंशन EPFO Pension

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन अपने निजी क्षेत्र के सदस्‍यों को आजीवन पेंशन प्रदान करने की सुविधा देता है। यह सहूलियत EPF Act ईपीएफ एक्‍ट, 1952 के प्रावधान के तहत मिलती है। इसके लिए संबंधित कर्मचारी के मूल वेतन का 12 प्रतिशत योगदान उसके PF Account पीएफ खाते में जमा किया जाता है। कर्मचारी का नियोक्‍ता संस्‍थान भी इसमें अपनी तरफ से 12 प्रतिशत अंशदान देता है। इसमें से 8.33 प्रतिशत राशि पेंशन कोष Pension Fund में जमा होती है। इसके साथ ही केंद्र सरकार भी पेंशन फंड में मूल वेतन Basic Salary का 1.16 प्रतिशत योगदान जमा करती है।

यह है मुख्‍य पात्रता

इस पेंशन सुविधा का लाभ लेने के लिए कर्मचारी की दस साल की नौकरी होना अनिवार्य है। यानी वह सदस्‍य जो पेंशन स्‍कीम क्‍लेम करना चाहता है, उसे नौकरी करते हुए एक दशक पूरा करना जरूरी है। इसके आधार पर ही उसे योजना का लाभ लेने की पात्रता हासिल होगी। यह इस योजना की बुनियादी अर्हता है।

इस पेंशन की गारंटी केवल उन कंपनी या संस्‍थान के कर्मचारियों को दी जाती है जहां नियोजित कर्मचारियों की संख्‍या 20 से अधिक हो। वैसे तो पेंशन की पात्रता दस वर्ष की सेवा अवधि पर मिलती है लेकिन यदि कर्मचारी ने 10 वर्ष की अवधि से पहले पीएफ की राशि की पूरी निकासी कर ली हो तो ऐसे में उसे पेंशन पाने की पात्रता नहीं रह जाती।

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