अनूपपुर/कोतमा। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में चरित्र पर संदेह के चलते पत्नी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब पांच साल पहले प्रेम विवाह कर साथ रहने वाले दंपती के रिश्ते का अंत दर्दनाक घटना के रूप में हुआ। आरोप है कि पति ने 23 वर्षीय पत्नी चंदा कोल की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि वारदात के बाद आरोपी रातभर पत्नी के शव के पास सोता रहा और सुबह घर की गोबर से लिपाई कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोतमा में पत्नी की हत्या का मामला, चरित्र शंका बनी विवाद की वजह
मामला अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रेउसा के टीकई टोला का है। यहां रहने वाले सुदामा आगरिया और चंदा कोल ने करीब पांच साल पहले प्रेम विवाह किया था। पुलिस के अनुसार, पत्नी के बार-बार मायके जाने और उसके चरित्र पर संदेह को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
आरोप है कि बुधवार रात सुदामा शराब के नशे में घर पहुंचा। इस दौरान चंदा के साथ उसका विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपी ने लाठी-डंडों से पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण चंदा की मौत हो गई।
हत्या के बाद रातभर शव के पास रहा आरोपी
पुलिस के मुताबिक, पत्नी की मौत के बाद भी आरोपी रातभर उसके शव के पास ही रहा। सुबह होने पर उसने शव को दूसरे कमरे में पहुंचा दिया। इसके बाद घर में गोबर से लिपाई कर वारदात के निशान छिपाने की कोशिश की। घटना की जानकारी ग्रामीणों को मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही कोतमा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।
कोतमा पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
कोतमा थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला ने बताया कि चरित्र पर संदेह के चलते पति ने पत्नी पर लाठी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू विवाद और चरित्र संबंधी संदेह के हिंसक रूप लेने के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। पांच साल पहले प्रेम विवाह से शुरू हुए रिश्ते का अंत हत्या की इस घटना के साथ हुआ।
डिस्क्लेमर: समाचार पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले में आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

