जबलपुर। सुरक्षा निर्माणी ओएफके के ज्वाइंट जीएम आलोक चौधरी के हाथ से एक टैंकभेदी बम गिर गया। यह तो गनीमत रही कि बम में फ्यूज नहीं लगा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बाद कर्मचारियों ने निर्माणी में हंगामा कर दिया और अभद्र अफसर को हटाने की मांग की। निर्माणी के कर्मचारी लंबे समय से ज्वाइंट जीएम पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगा रहे हैं। दो दिन पहले जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान भी वे टैंकभेदी बम का स्टेंसिल गीला पाकर कर्मचारियों पर भड़क उठे थे।
निर्माणी के एफ-3 सेक्शन की बिल्डिंग नं.309 में यह घटना हुई। निर्माणी में अभी कर्मचारियों की ओटी (ओवरटाइम) का मामला गर्माया है। दो दिन पहले कर्मचारियों ने 51 घंटे की ओटी की मांग करते हुए टूल डाउन कर दिए। तभी बिल्डिंग नं. 309 में ज्वाइंट जीएम चौधरी पहुंचे। यहां पर उन्होंने 84एमएम (टैंकभेदी) बमों के लाट पर हाथ रखा। वे टैंकभेदी बम का स्टेंसिल गीला पाकर कर्मचारियों पर भड़क उठे।
कर्मचारी कुछ कहते उससे पहले ही ज्वाइंट जीएम ने टैंकभेदी बम आगे की ओर से उठाने की कोशिश की, जो पीछे की ओर से लुढ़ककर जमीन पर गिर गया। श्रमिक नेताओं ने ज्वाइंट जीएम पर हमेशा अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके इस व्यवहार के चलते निर्माणी में बड़ा हादसा हो सकता था। सभी यूनियनों, संगठनों ने वरिष्ठ महाप्रबंधक से अभद्र अधिकारी को हटाने की मांग की है।
ज्वाइंट जीएम चौधरी द्वारा कर्मचारियों से अभद्रता करने की शिकायत की गई है। उसकी जांच कराई जाएगी। हो सकता है कि उन्होंने ऐसा किया हो।

