जबलपुर। मध्य प्रदेश में पावर ट्रांसमिशन कंपनी चालू कैेलेंडर वर्ष में 31 नये सब स्टेशन बनायेगी, साथ ही प्रदेश के तीन महानगरों जबलपुर, भोपाल व इंदौर में जीआईएस बेस्ड सब स्टेशन बनाये जाएंगे. सब-स्टेशन बनाने से पहले इसकी तकनीक समझने हेतु हाल ही में हमने सीबीआईपी के सहयोग से एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया है
एवं इसी माह नैरो बेस्ड टावर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम है. इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हमें देश की अच्छी से अच्छी फैकल्टी मिल रही है. यह बात मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक पीआर बेंडे ने दी. श्री बेंडे ने बताया कि ट्रांसमिशन कंपनी ने इस कैलेण्डर वर्ष में 31 नए सब स्टेशन बनाने का लक्ष्य रखा है.
अब तक हम 31 में से 18 सब स्टेशन बनाकर चार्ज कर चुके हैं. अगस्त माह में ही दमोह जिले में 132 केवी पटेरा सब स्टेशन सफलतापूर्वक चार्ज हुआ. कंपनी ने जुलाई 2018 में 6 नए सब स्टेशन चार्ज करने का कीर्तिमान रचा है.
31 जुलाई को खुनेर सब स्टेशन को चार्ज करने में टेस्टिंग एवं ईएचटी विंग के लोगों ने रात तीन-तीन बजे तक लगातार कार्य करते हुए लक्ष्य हासिल किया. श्री बेंडे ने बताया कि केवल एक कैलेण्डर वर्ष में हम 31 सब स्टेशन बनाने का इतिहास रच पाएंगे अपितु समन्वित प्रयास से आने वाले वर्षों में प्लान किए गए 100 सब स्टेशन एवं संबंधित लाइनों का निर्माण भी समय सीमा में कर पाएंगे. कंपनी पहली बार 400 केवी एवं 220 केवी के एक-एक उपकेन्द्र तथा लाइन का निर्माण टीबीसीबी रूट के माध्यम से करने का निर्णय लिया है,
इसके लिए राज्य शासन की मंजूरी भी मिल गई है तथा बिड प्रोसेस कोआर्डिनेटर ने निविदा भी जारी कर दी है. समय पर रखरखाव करें, ताकि लोड बढऩे पर पारेषण प्रणाली में व्यवधान न हो. विगत 5 वर्षों में लाइन लॉस एवं प्रणाली उपलब्धता में हम नियामक आयोग द्वारा दिए गए लक्ष्य से ऊपर रहे हैं. परन्तु हमें पारेषण हानि कम करने एवं प्रणाली की उपलब्धता को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने का प्रयास करते रहना है.
