भोपाल। उपचुनाव में बगैर किसी सर्वे के उम्मीदवार तय किए जाने की परिस्थितियां बन गई हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व सीएम कमल नाथ 22 सीटों पर सर्वे के आधार पर टिकट देना चाहते थे। क्योंकि सरकार गिरने की सबसे अधिक कसक उन्हीं को है।

प्रदेश कांग्रेस ने सर्वे का कार्य प्रशांत किशोर (पीके) को लगभग सौंप दिया था, लेकिन पीके ने सर्वे के साथ चुनाव में जीत के लिए मुद्दे तलाशने से हाथ खड़े कर दिए हैं। सर्वे का फार्मूला फेल हो जाने के बाद दिग्विजय सिंह समर्थकों की टिकट के लिए उम्मीदें बढ़ गई हैं।

दिग्विजय सिंह पार्टी हाइकमान व कमल नाथ पर दबाव बनाकर ग्वालियर-चंबल अंचल की 16 सीटों पर अपने समर्थकों को टिकट दिलवाने का प्रयास करेंगे। ताकि ज्योतिरादित्य सिंधिया के क्षेत्र में उनका दबदबा बढ़ सके।