इससे गुरु का समकारक संबंध, बृहस्पति करेंगे राशि परिवर्तन, इन राजनीतिज्ञो को मिलेगा लाभ

उज्जैन। पंचागीय गणना के अनुसार बृहस्पति 11 अक्टूबर को राशि परिवर्तन कर रहे हैं। शाम 7.23 बजे बृहस्पति तुला राशि को छोड़कर वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषियों के अनुसार देवगुरु के राशि परिवर्तन से आमजन को राहत मिलेगी। सुस्त पड़े बाजार में गति आने से व्यापार चमकेगा। सोने की खरीदारी बढ़ेगी। बैंकों की स्थिति में सुधार नजर आएगा। रुपए का मूल्य अपनी प्रतिष्ठा को प्राप्त करेगा। विभिन्न राशि के जातकों के लिए भी आने वाला समय प्रगतिकारी रहेगा।

ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया देवगुरु तुला राशि को छोड़कर वृश्चिक राशि में विशाखा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे। वृश्चिक राशि बृहस्पति के मित्र मंगल की राशि है। इस राशि से गुरु का समकारक संबंध है। प्रवेश काल के समय तात्कालिक मित्र की दृष्टि से देखें तो गुरु का राशि परिवर्तन शुभ है। क्योंकि बृहस्पति की 5, 7 व 9 तीन दृष्टि मानी जाती है। राशि परिवर्तन के बाद वे 5वीं दृष्टि से स्वयं की राशि मीन को देखेंगे। 7वीं दृष्टि से वृषभ तथा 9वीं दृष्टि से कर्क राशि स्थित राहु को देखेंगे। यह तीनों दृष्टियां धर्म की वृद्घि, बाजार की स्थिति में सुधार तथा राजनीतिक परिवर्तन का संकेत करेंगी। हालांकि तीनों दृष्टियों का क्षेत्रीय स्तर पर अलग प्रभाव दिखेगा।

इन क्षेत्रों में नजर आएंगे यह प्रभाव

इन राशि के जातकों राजनीतिज्ञों को यह लाभ

-कन्या : व्यावसायिक स्रोत बढ़ेंगे तथा राजनीतिक लाभ होगा।

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