मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का कहर जारी है। मरनेवालों और पीड़ितों के आने का सिलसिला नहीं थम रहा। एसकेएमसीएच में गुरुवार की सुबह तीन और बच्चों की मौत हो गई। वहीं, 14 नए मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है। इस बीमारी से अबतक 64 बच्चों की मौत हो गई है।
पांच बच्चे केजरीवाल अस्पताल में लाए गए हैं। मरनेवालों की पहचान मोतिहारी-मधुबन के सुनील कुमार, सरैया-बखरा के चिंटू कुमार व मजुफ्फरपुर-करजा के दीनानाथ कुमार के रूप में हुई है।
इस मौसम में एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल में अब तक 61 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि, 167 भर्ती हुए हैं। इससे पहले मंगलवार की देर रात दो और बुधवार को पांच बच्चों की मौत हो गई थी। इस सीजन में सोमवार को स्थिति सबसे भयावह रही। उस दिन 23 बच्चों की मौत हुई थी।
इधर, मामला बढ़ने के बाद बीमारी का जायजा लेने केंद्रीय टीम बुधवार की देर शाम एसकेएमसीएच पहुंची। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पीड़ित बच्चों की जांच की। साथ ही, स्थानीय डॉक्टरों की टीम के साथ बीमारी और कारणों पर चर्चा भी की।
केंद्रीय मंत्रियों का मुजफ्फरपुर दौरा रद
आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदान मुजफ्फरपुर पहुंचने वाले थे। उनके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्वनी कुमार चौबे भी इस बीमारी के प्रकोप से उत्पन्न हालात का जायजा लेने मुजफ्फरपुर पहुंचने वाले थे। लेकिन दोनो मंत्रियों का दौरा रद हो गया है।मिली जानकारी के मुताबिक मंत्री पहले मुजफ्फरपुर से जांच रिपोर्ट की टीम से हालात का जायजा लेंगे फिर मुजफ्फरपुर आएंगे।
केंद्रीय जांच टीम आयी मुजफ्फरपुर
बता दें कि बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की डॉक्टरों की केंद्रीय जांच टीम मुजफ्फरपुर के SKMCH पहुंची। इनमें डॉक्टर अरुण कुमार सिन्हा के नेतृत्व में डॉ. गोयल, डॉ. पूनम, पटना AIIMS के डॉ. लोकेश और NCDC पटना के डॉ. राम सिंह शामिल थे।
बिहार सरकार ने मानी 35 बच्चों की मौत की बात
बिहार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने एईएस की चपेट में आने से 35 बच्चों की मौत होने की बात स्वीकार की है। हालांकि यह स्वीकारोक्ति वास्तविक आंकड़े से काफी कम है। यही नहीं मुजफ्फरपुर के डीएम के अनुसार मौत के आंकड़े 43 हैं।

