बरही, कटनी। अक्सर देश की आई आई टी के छात्रों के अविष्कारों की चर्चा मीडिया में चलती हैं लेकिन इनसे अलग देश के गांवों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बरही को ही देख लीजिए यहां एक ग्रामीण इंजीनियरिंग का नायाब उदाहरण रघुनाभ वर्मा नामक व्यक्ति ने पेश किया है। पेट्रोल से चलने वाली बाइक को बैटरी से चला कर जिसे देख कर आप भी कहेंगे वाह। देशभर में नटराज कैसेट से शोहरत हासिल करने वाले बरही निवासी रघुनाथ वर्मा हमेशा कुछ खास व अलग करने की चाह लेकर अपने अविष्कार की दुनिया मे एक और नाम जोड़ लिया है। हाल ही में श्री वर्मा ने करीब ख्भ् वर्ष पुरानी सुजकी फेयरो मोटर साइकिल में नया लुक दे दियाए जो बरही नगर में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यशभारत प्रतिनिधि आनंद सराफ ने इस अविष्कार की तहकीकात की।
अब पेट्रोल से नही बैटरी से चल रही बाइक
कहते है आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है और इसी आवश्यकता की पूर्ति के लिए श्री वर्मा ने पेट्रोल से चलने वाली सुजकी फेयरो बाइक को नया लुक, नया स्टाइल देते हुए पेट्रोल की जगह बैटरी से बाइक चला रहे है। दरअसल श्री वर्मा के पास स्कूटी है, जिसके चके छोटे होने से उन्हें स्कूटी चलाने में अटपटा लग रहा थाए बिना गेयर के बड़े चके की बाइक चलाने की उनकी इच्छा हुई और उन्हें अविष्कार करना प्रारंभ कर दिया। मझले बेटे मनोज वर्मा को दहेज में मिली बाइक कबाड़ की तरह पड़ी हुई थी, जिसका उपयोग पिछले क्भ् साल से नही हो रहा था, फिर होना क्या था, जुगाड़ फिट कर श्री वर्मा ने उक्त बाइक में बैटरी व मोटर फिट कर सड़क में उतार दिया।
लीथम टेक्नालाजी की बैटरी का उपयोग
पुरानी बाइक का इंजन, गेयर बाहर करते हुए श्री वर्मा ने 48 वोल्ट 35 एएचपी का डीसी मोटर के साथ लीथम टेक्नालाजी की बैटरी की मदद से बाइक को नया लुक दे दिया।
2 घंटे में चार्ज, 60 किलोमीटर का सफर’
बरही में बैटरी से चलने वाली ईजाद की गई बाइक की बैटरी महज ख् घंटे में चार्ज होती है, जिसका उपयोग 60 किलोमीटर तक होता है। 40-50 की रफ्तार में बाइक दौड़ रही है। अमूनन कंपनियों द्वारा तैयार की बैटरी से चलने वाले वाहनों की बैटरी 7 से 8 घंटे में चार्ज होती है।
10 रुपए में 60 किलोमीटर का सफर
आपको बता दे कि रघुनाथ वर्मा बरही नगर की वे शख्यिस है, जिन्होंने नटराज कैसेट की रिकार्डिंग से पूरे देश मे शोहरत हासिल की है। नई टेक्नालाजी से कैसेट का व्यापार ठप्प पड़ जाने के बाद लोगों को दर्द से राहत पहुचाने आयुवैदिक तांडव तेल के साथ अन्य उत्पाद बाजार में उतारेए वर्तमान में इनके द्वारा उत्पादित किए जा रहे एम्पाला नाम से डिटर्जेंट पाउडर की भी धूम है, हमेशा की तरह इस बार बैटरी से चलने वाली बाइक को सड़क में उतारकर सबको चकित कर रहे है। पुराने व कबाड़ के रूप में पड़ी बाइक को नया स्टाईल व नए लुक को देख बरही के लोग रोमांचित है। हालांकि इस बाइक को तैयार करने में करीब 40 हजार का खर्च आया है। 10 रुपए की बिजली खर्च करने के उपरांत 60 किलोमीटर का सफर ईजाद की गई बाइक से हो रहा है।
