आज मदनमहल पहाड़ी के अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई स्थगित

जबलपुर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर मदनमहल पहाड़ी के सौंदर्य को सहेजने की दिशा में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर कल रविवार को नगर निगम के अधिकारियों के साथ ही एसडीएम मनीषा वत्सले, उपायुक्त राकेश अयाची के साथ प्रशासनिक अमले ने कल रविवार को मदनमहल किले से 300 मीटर के परिधि में किये गये अतिक्रमणों को चिन्हित करने की कार्यवाही शुरू कर दी थी।

कांवड़ यात्रा शारदा देवी मंदिर मेला और शाही यात्रा में जुटा प्रशासनिक अमला

इस दौरान करीब 150 से 200 मकानों को प्रारंभिक तौर पर हटाने के लिए चिन्हित किया गया था। इसके अलावा कुछ दुकानें भी अतिक्रमण की जद में थे जिन्हें हटाने की कार्यवाही भी की जानी थी लेकिन आज सावन सोमवार होने के कारण शहर में होने वाले धार्मिक आयोजनों खासकर कांवड़ यात्रा शारदा देवी मंदिर का मेला और शाही यात्रा के मद्देनजर प्रशासन ने आज मदनमहल पहाड़ी पर की जाने वाली कार्यवाही को स्थगित कर दिया है।

साथ ही जो लोग चिन्हित किए गए हैं उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे समय रहते अपना सामान शिफ्ट कर लें। उसके बाद अतिक्रमणों को हटाने की कार्यवाही की जायेगी। जानकारी के अनुसार गूगल मैपिंग में 2014 के बाद जो भी निर्माण मदनमहल पहाड़ियों पर किए गए हैं उन्हें चिन्हित किया जा रहा है, और अब इसी के अ ाधार पर भौतिक सत्यापन की कार्यवाही करते हुए इन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि मदनमहल किले की परिधि में कल करीब 150 से 200 अतिक्रमण चिन्हित किए गए और अब इन्हें हटाने की कार्यवाही की जानी है।

अतिक्रमणों को हटाने के बाद वहां रह रहे लोगों विस्थापित करने की कार्यवाही भी साथ साथ की जावेगी। उल्लेखनीय है कि मदनमहल की पहाड़ी में इस तरह से अतिक्रमण किए गए हैं उसे उच्च न्यायालय ने गंभीरता से लेते हुए नगर निगम को निर्देशित किया था कि पहाड़ी के सौंदर्य पर ये अतिक्रमण बदनुमा दाग की तरह हैं और इन्हें हर हालत में हटाने की कार्यवाही की जानी चाहिये।

उच्च न्यायालय के निर्देश पर ही गत दिवस पुलिस बल के साथ नगर निगम और प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचा था। यदि कोई अतिक्रमणकारी अपना अतिक्रमण हटाने में आनाकानी या विवाद करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी। शुरूआत में मदनमहल किला से लगी 300 मीटर की परिधि के अतिक्रमण हटाये जाने हैं। उसके बाद और जो अवैध अतिक्रमण पहाड़ी पर किए गए हैं उनकी भी जांच पड़ताल कर उन्हें हटाने भी मुहिम चलाई जायेगी। फिलहाल आज सावन सोमवार पड़ने से लोगों को फौरी राहत जरूर मिल गई है लेकिन नगर निगम और प्रशासन के द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश के चलते कभी भी इन अतिक्रमणों को हटाया जा सकता है।

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