गुरुवार शाम करीब 7 बजे अचानक टीवी चैनलों पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में भारतीय सेना की एयर स्ट्राइक की खबरें चलने लगीं। चारों तरफ गहमागहमी बढ़ी ही थी कि महज 10-15 मिनट में एयरस्ट्राइक की खबरें हटा भी ली गईं। इसके महज आधे घंटे बाद सेना को बयान जारी करना पड़ा कि आज तो लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर गोली ही नहीं चली। थोड़ी देर बाद ही सेना ने फिर कहा कि LoC पार कर PoK में सेना की स्ट्राइक की रिपोर्ट्स फेक हैं।
दरअसल, इस गफलत की वजह शाम पौने सात बजे आई न्यूज एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट है। इसमें PoK में जारी सेना की पिनपॉइंट स्ट्राइक का जिक्र है। सेना के ये ऑपरेशन पिछले कुछ दिनों से जारी हैं। इस पिनपॉइंट स्ट्राइक का मतलब सीधे और सिर्फ आतंकी ठिकानों को तबाह करना है, जो PoK में कई जगहों पर मौजूद हैं। इसी पिनपॉइंट ऑपरेशन की खबर को कई चैनलों और वेबसाइट्स ने जल्दबाजी में एयरस्ट्राइक बता दिया। गलती के अहसास के बाद फिर ऐसी सारी खबरें फौरन हटा लीं गईं।
ये आई थी खबर
भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में सर्जिकल स्ट्राइक की है। इसमें ज्यादातर पाकिस्तानी और विदेशी आतंकवादी मारे गए हैं। भारत ने POK में चुनिंदा लॉन्चपैड पर हमला किया।
सुरक्षा बलों के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि पाकिस्तानी सेना सर्दियों से पहले भारत में ज्यादा से ज्यादा आतंकवादियों को दाखिल कराना चाहती है। भारतीय सेना ने इसी के चलते ये सर्जिकल स्ट्राइक की है।
पिछले साल 26 फरवरी को पहली एयर स्ट्राइक
पिछले साल 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में एयरस्ट्राइक की थी। इस एयरस्ट्राइक में वायुसेना के 12 मिराज-2000 फाइटर जेट ने बालाकोट, चकोटी और मुजफ्फराबाद में बम गिराए थे। इसमें 300 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। वायुसेना ने इस पूरे मिशन को ‘ऑपरेशन बंदर’ नाम दिया था।
29 सितंबर 2016 को पहली सर्जिकल स्ट्राइक
18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में आतंकियों ने आर्मी कैम्प पर हमला किया। इस हमले में 18 जवान शहीद हुए थे। इसके जवाब में 29 सितंबर की रात सेना ने POK में 3 किमी अंदर जाकर आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया था। ऐसा पहली बार हुआ था, जब भारत ने आतंकियों के खिलाफ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर कार्रवाई की थी। इस स्ट्राइक में 40 से 50 आतंकी मारे गए थे।











