Thursday, May 28, 2026
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मध्यप्रदेश

अटेर में BJP से पूर्व विधायक भदौरिया और कांग्रेस से हेमंत कटारे प्रबल दावेदार !

अटेर । चंबल नदी से सटे अटेर विधानसभा क्षेत्र का मिजाज कुछ अलग है। यहां बीजेपी से मुख्य दावेदार पूर्व विधायक डॉ. अरविंद भदौरिया हैं। अरविंद बीजेपी में प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। कांग्रेस से विधायक हेमंत कटारे प्रबल दावेदार हैं।

हेमंत नेता प्रतिपक्ष पिता सत्यदेव कटारे के निधन के बाद खाली हुई सीट पर 2017 में उपचुनाव जीतकर विधायक बने हैं। अटेर में मतदाताओं का मूड किसे विधायक बनाएगा, यह टिकट तय होने के बाद स्पष्ट होगा। दोनों ही पार्टी में भितरघात रोकना जीत का मूल मंत्र है।

कांग्रेस की अपेक्षा बीजेपी में ज्यादा भितरघात का खतरा है। हेमंत कटारे पर भोपाल की पत्रकारिता की छात्रा द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोप और इसके बाद अरविंद भदौरिया पर मामला निपटाने के लिए की गई कोशिश के कारण यह सीट प्रदेश के चर्चा का विषय बनी हुई है।

अरविंद का कद आता है जीत में आड़े

अटेर में डॉ. अरविंद भदौरिया की संगठन में पहुंच और कद उनके आड़े आता है। संगठन में पकड़ होने से अरविंद टिकट के प्रबल दावेदार भी हैं, लेकिन उनकी यही मजबूती चुनाव में कमजोरी बनती है। अरविंद के बढ़ते कद को खुद उनकी ही पार्टी के नेता पचा नहीं पा रहे।

यही वजह है, अरविंद का नाम आते ही ये नेता उनके खिलाफ सक्रिय हो जाते हैं। इस बार भी अरविंद के अलावा पूर्व विधायक और बीज निगम उपाध्यक्ष मुन्नाासिंह भदौरिया, पूर्व भिंड जनपद अध्यक्ष धीर भदौरिया, जिले में महामंत्री रहे उमेश भदौरिया टिकट के दावेदार हैं।

कांग्रेस-बीजेपी में कहां भितरघात का ज्यादा खतरा

कांग्रेस में विधायक हेमंत कटारे के अलावा मनोज दैपुरिया और धर्मेंद्र भदौरिया पिंकी इस बार टिकट के प्रबल दावेदार हैं। दोनों का ही कहना है टिकट किसी का भी हो, कांग्रेस की जीत के लिए काम करेंगे। इसके उलट बीजेपी में नेताओं को टिकट और जीत से ज्यादा खुद के वजूद को बचाना पहली प्राथमिकता है। यही भितरघात की बड़ी बजह बनेगी है।

2008 के बाद कांग्रेस ने बढ़ाया अपना वोट बैंक

अटेर में डॉ. अरविंद भदौरिया ने सबसे पहली बार 2008 में अपनी किस्मत आजमाई। अरविंद 33669 वोट लेकर विधायक बने। बीजेपी को 32.92 फीसदी वोट मिले। कांग्रेस से सत्यदेव कटारे को 31818 वोट मिले थे। कांग्रेस का कुल वोट 31.11 फीसदी रहा था। 2008 के बाद 2013 में कांग्रेस ने न सिर्फ वोट बैंक बढ़ाया, बल्कि जीत भी हासिल की। सत्यदेव कटारे ने 45592 वोट लेकर बीजेपी से अरविंद भदौरिया को हराया।

अरविंद को 34166 वोट मिले। 2013 में कांग्रेस 40.47 को फीसदी और बीजेपी को 30.33 फीसदी वोट मिले। नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनके बेटे हेमन्त कटारे 59228 वोट लेकर जीते। बीजेपी से अरविंद भदौरिया को 58372 वोट मिले। इस तरह बीजेपी लगातार दो चुनाव हारी।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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